Car Sales: भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में लंबे समय से गिरावट झेल रहे “पहली बार कार खरीदने वालों” के ट्रेंड में अब बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सितंबर 2025 में सरकार द्वारा लिए गए अहम टैक्स फैसले ने इस सेगमेंट में नई जान फूंक दी है, जिससे बाजार में फिर से रौनक लौट आई है।
पहले क्यों घट रहे थे ग्राहक?
पिछले कुछ वर्षों में एंट्री-लेवल कारों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने मिडिल क्लास के लिए कार खरीदना मुश्किल बना दिया था। इसका असर सीधे बिक्री पर पड़ा। Maruti Suzuki के अनुसार, पहली बार कार खरीदने वालों की हिस्सेदारी FY22 के 45% से घटकर FY25 में करीब 40% रह गई थी।
सरकार का बड़ा फैसला क्या है?
स्थिति को सुधारने के लिए सरकार ने सितंबर 2025 में एंट्री-लेवल कारों पर GST में बड़ी कटौती की।
- 4 मीटर से कम लंबाई वाली कारों पर टैक्स 29-31% से घटाकर 18% किया गया
- 4 मीटर से बड़ी कारों पर टैक्स 43-50% से घटाकर 40% किया गया
इस फैसले से कारों की कीमतों में कमी आई और वे आम ग्राहकों के लिए ज्यादा किफायती हो गईं।
कंपनियों की बिक्री में क्या बदलाव आया?
टैक्स कटौती के बाद ऑटो कंपनियों के आंकड़े उत्साहजनक रहे हैं:
- Maruti Suzuki में सितंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच पहली बार खरीदारों की हिस्सेदारी बढ़कर 48% हो गई। इनमें से 51% ग्राहक दोपहिया से अपग्रेड हुए हैं।
- Hyundai Motor India में यह आंकड़ा बढ़कर 41.8% पहुंच गया है। Hyundai Venue और Hyundai Creta जैसी SUVs में नए ग्राहकों का योगदान 3-5% बढ़ा है।
- टाटा मोटर्स की Tata Nexon और Tata Punch में भी पहली बार खरीदारों की हिस्सेदारी में करीब 5% की वृद्धि दर्ज की गई है।
दोपहिया से कार की ओर बढ़ रहा रुझान
इस टैक्स कटौती का सबसे ज्यादा फायदा उन ग्राहकों को हुआ है, जो अब तक बजट के कारण दोपहिया वाहनों पर निर्भर थे। अब वे आसानी से कार खरीद पा रहे हैं। 18% GST स्लैब वाली कारों की बिक्री में 24% की बढ़ोतरी इस बदलाव का स्पष्ट संकेत है।
क्या कहता है ट्रेंड?
कुल मिलाकर, सरकार के इस फैसले ने ऑटो इंडस्ट्री को नई रफ्तार दी है। साथ ही, आम ग्राहकों के लिए कार खरीदना पहले से ज्यादा आसान हो गया है। आने वाले समय में एंट्री-लेवल कार सेगमेंट में और तेज ग्रोथ देखने को मिल सकती है।
(मंजू कुमारी)