Shani Pradosh Vrat 2024: कब है भाद्रपद माह का पहला शनि प्रदोष व्रत? नोट करें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

भाद्रपद माह का पहला शनि प्रदोष व्रत 31 अगस्त 2024 को रखा जाएगा। इस दिन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जिस पर कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। प्रदोष व्रत में भगवान भोल

By :  Desk
Updated On 2024-08-29 06:57:00 IST
शनिवार के दिन होने से इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाएगा।

Shani Pradosh Vrat 2024: भाद्रपद माह का पहला शनि प्रदोष व्रत 31 अगस्त 2024 को रखा जाएगा। इस दिन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, जिस पर कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। प्रदोष व्रत में भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती की पूजा की जाती है। इस व्रत को करने का अपना एक विशेष महत्व है। प्रदोष काल में पूजा करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है, इसलिए इसे प्रदोष व्रत कहा जाता है। चलिए जानते है भाद्रपद मास के पहले प्रदोष व्रत के बारे में। 

भाद्रपद माह का पहला प्रदोष व्रत कब है? 
(Bhadrapad Maah Ka Pahala Pradosh Vrat Kab Hai) 

भाद्रपद माह का पहला प्रदोष व्रत 31 अगस्त 2024, शनिवार के पड़ रहा है। शनिवार के दिन होने से इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाएगा। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 30 अगस्त देर रात 2 बजकर 26 मिनट पर होगी। वहीं इसका समापन 31 अगस्त देर रात 3 बजकर 41 मिनट पर होगा। 

शनि प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त
(Shani Pradosh Vrat 2024 Shubh Muhurat) 

शनि प्रदोष व्रत की पूजा का सबसे अच्छा मुहूर्त शाम 5 बजकर 44 मिनट से 7 बजकर 44 मिनट तक का रहेगा। 

शनि प्रदोष व्रत पूजा विधि
(Shani Pradosh Vrat Puja Vidhi)

  • - शनि प्रदोष व्रत के दिन सुबह उठें, स्नान करें और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें। 
  • - इसके बाद शाम की पूजा की सभी तैयारियां कर लेवें। शिव-पार्वती को चौकी पर स्थापित करें। 
  • - अब भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का अभिषेक करें और उन्हें पुष्प और वस्त्र अर्पित करें। 
  • - इसके पश्चात देसी घी का दीपक जलाएं और गुड़हल, कनेर के फूल और बेलपत्र के पत्ते अर्पित करें। 
  • - पूजा के अंत में भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती के भोग में हलवा अथवा खीर जरूर शामिल करें।

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। Hari Bhoomi इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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