Holika Dahan 2025: होलिका दहन की राख से करें ये 6 महाउपाय, जीवन से दूर होगी हर परेशानी
ज्योतिष गणना के अनुसार, इस वर्ष होलिका दहन 13 मार्च 2025, गुरुवार को होगा। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व सनातन धर्म में बेहद महत्वप
By : Desk
Updated On 2025-03-12 08:15:00 IST
Holika Dahan Ki Raakh Ka Upay: ज्योतिष गणना के अनुसार, इस वर्ष होलिका दहन 13 मार्च 2025, गुरुवार को होगा। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाने वाला यह पर्व सनातन धर्म में बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। होलिका दहन वाले दिन आप उसकी राख से 6 महाउपाय कर सकते है, जिससे आपके जीवन में सकारातमक बदलाव देखने को मिलेगा। चलिए जानते है होलिका दहन की राख से किये जाने वाले उन 6 उपायों के बारे में-
होलिका दहन 2025 की राख के उपाय
(Holika Dahan Ki Raakh Ke Upay)
- - घर में सुख और शांति की कामना करते है, तो होलिका दहन की राख लेकर उसकी एक पोटली बनाएं। इसके बाद कोई शुभ मुहूर्त देखकर उसे घर के चारों कोनों में छिड़क देवें। यह बेहद कारगर उपाय बताया जाता है, जो परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम को बढ़ावा भी देता है।
- - घर में आने वाली अनजानी बाधाओं यानी समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए, होलिका दहन की राख लेकर उसमें थोड़ा सा नमक और राई मिला लें। इसके बाद इस मिश्रण को घर के किसी गुप्त स्थान पर रख देवें। होलिका दहन वाले दिन किया गया यह उपाय सभी समस्याओं का अंत करेगा।
- - अगर घर का कोई सदस्य बीमार रहता है, तो होलिका दहन की राख को घर ले आएं। इसके बाद इस राख को अगली पूर्णिमा तक बीमार सदस्य के माथे पर टीके के रूप में प्रतिदिन लगावें। आपका यह छोटा सा उपाय बीमार सदस्य को ठीक करने में मददगार साबित हो सकता है।
- - अगर लंबे समय से धंधा नहीं चल रहा है, तो आप होलिका दहन की राख की पोटली बना लें। इसके बाद इसे दुकान के मुख्य द्वार पर लटका देवें।
- - नजर दोष से बचने के लिए पीड़ित व्यक्ति के सर से 7 बार होलिका दहन की राख को उतार को चौराहे पर फेंक देवें। ध्यान रहें कोई देख न पाएं।
- - अगर आप नवग्रहों के दुष्प्रभाव से परेशान चल रहे है, तो होलिका दहन की राख आपके लिए कारगर रहेगी। आप ऐसा करें प्रतिदिन इस राख में से थोड़ी-थोड़ी नहाने के पानी में इस्तेमाल करें। ऐसा करने पर आपके जीवन में चल रही मानसिक, आर्थिक और शारीरिक परेशानियों का अंत होने लगेगा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी ज्योतिष मान्यताओं पर आधारित है। Hari Bhoomi इसकी पुष्टि नहीं करता है।