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Chaitra Navratri Upay: बुधवार, 17 अप्रैल को चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन है। इसे हम दुर्गा नवमी अथवा रामनवमी के नाम से जानते है। यह दिन मां दुर्गा के अंतिम स्वरुप मां सिद्धिदात्रि को समर्पित है। इस दिन मां सिद्धिदात्रि की पूजा-अर्चना करने का विधान हैं।

Chaitra Navratri Upay: बुधवार, 17 अप्रैल को चैत्र नवरात्रि का अंतिम दिन है। इसे हम दुर्गा नवमी अथवा रामनवमी के नाम से जानते है। यह दिन मां दुर्गा के अंतिम स्वरुप मां सिद्धिदात्रि को समर्पित है। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना करने का विधान हैं। दुर्गा नवमी की तिथि को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन आप कुछ विशेष उपाय कर अपने जीवन में आ रहे संकटों का निवारण मातारानी की कृपा से आप स्वयं कर सकते है। चलिए जानते है कैसे- 

मजबूत आर्थिक स्थिति के लिए

यदि आप अपने जीवन में पैसों की तंगी से जूझ रहे है, तो दुर्गा नवमी के दिन माता रानी को लाल रंग का फूल अर्पित करें। साथ ही पूरे श्रद्धाभाव से श्रीसुक्तम का पाठ करें। इसके अलावा शंख और कौड़ियों की भी पूजा करें। मां सिद्धिदात्री की पूजा में यह उपाय करने से जल्द से जल्द आर्थिक परेशानी दूर होती है। 

बीमारियों से मुक्ति पाने के लिए

यदि आप अथवा आपके परिवार में कोई भी सदस्य लंबे समय से बीमारी से जूझ रहा है और कोई दवा भी असर नहीं कर रही है, तो नवमी पर मां को प्रसन्न करें। इसके लिए आपको दुर्गा नवमी के दिन घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में घी का दीपक जला दुर्गा मां का ध्यान करना चाहिए। इससे तुरंत लाभ मिलता है! 

मनोकामना पूरी करने के लिए

हर व्यक्ति के मन में कुछ दबी इच्छाएं होती है, जिसे वह पूरा करने में खुद को असमर्थ पाता है तो वह ईश्वर को याद करता है। ऐसे में दुर्गा नवमी के दिन से बेहतर क्या दिन हो सकता है? इस दिन आप दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। ऐसा करने से मातारानी प्रसन्न होकर आपकी मनोकामना पूरी करती है। 

सुखी वैवाहिक जीवन के लिए

दांपत्य जीवन में चल रही परेशानियों को दूर भगाने के लिए मातारानी को प्रसन्न करना चाहिए। इसके लिए दुर्गा नवमी के दिन शादीशुदा महिलाओं को श्रृंगार का सामान मातारानी को अर्पित करना चाहिए। कहते है, ऐसा करने से दांपत्य जीवन में मधुरता आती है और मुश्किलों से मुक्ति मिलने लगती है। 
 

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