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3 April 2026 Ka Panchang: यहां पढ़ें शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) बैसाख माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि का पंचांग, शुभ मुहूर्त, तिथि शुभ योग; नक्षत्र और राहुकाल।

3 April 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 3 अप्रैल 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज बैशाख माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।

योग और करण
आज व्याघात योग का निर्माण हो रहा है, जो दोपहर 02:06 बजे तक रहेगा। इस योग को सावधानी बरतने वाला माना जाता है, इसलिए महत्वपूर्ण कार्यों में सोच-समझकर निर्णय लेना उचित रहेगा। करण की बात करें तो कौवाला करण सुबह 08:43 बजे तक रहेगा, इसके बाद तैतिल करण रात 09:26 बजे तक प्रभावी रहेगा।

चंद्रमा की स्थिति
आज चंद्रमा प्रारंभ में कन्या राशि में स्थित रहेंगे और बाद में तुला राशि में गोचर करेंगे। यह परिवर्तन भावनात्मक संतुलन और निर्णय क्षमता पर प्रभाव डाल सकता है। कन्या राशि में चंद्रमा विश्लेषण और सूक्ष्म सोच को बढ़ाता है, जबकि तुला में प्रवेश के बाद संबंधों और संतुलन पर ध्यान केंद्रित होता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा का समय

  • सूर्योदय: सुबह 06:08 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 06:26 बजे
  • चंद्रोदय: शाम 07:42 बजे
  • चन्द्रास्त: सुबह 06:31 बजे

वार और संवत

  • विक्रमी संवत: 2083
  • शक संवत: 1947 (विश्वावसु नाम संवत्सर)
  • मास: वैशाख
  • शुभ मुहूर्त

आज का सबसे महत्वपूर्ण शुभ समय अभिजीत मुहूर्त है, जो दोपहर 11:52 से 12:42 तक रहेगा। इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण या शुभ कार्य किया जा सकता है, क्योंकि यह समय अत्यंत फलदायी माना जाता है।

अशुभ मुहूर्त

  • राहुकाल: 10:45 से 12:17
  • गुलिक काल: 07:41 से 09:13
  • यमगण्ड: 15:21 से 16:53

वैशाख माह का महत्व
वैशाख मास हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। इस महीने में गंगा स्नान, व्रत, दान और भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। मान्यता है कि इस माह में किए गए धार्मिक कार्य कई गुना फल देते हैं।

3 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज से वैशाख मास की शुरुआत हो रही है। चित्रा नक्षत्र और चंद्रमा की स्थिति इस दिन को संतुलन और रचनात्मकता का संकेत देती है। हालांकि व्याघात योग के कारण सावधानी बरतना जरूरी है। शुभ मुहूर्त का ध्यान रखते हुए यदि कार्य किए जाएं, तो सफलता और सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

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