20 March 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 20 मार्च 2026, शुक्रवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो रात 2 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
पंचांग के अनुसार, इस दिन ब्रह्म योग का निर्माण हो रहा है, जो रात 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगा। ब्रह्म योग को अत्यंत शुभ माना जाता है और इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक रहती है। इसके अलावा रेवती नक्षत्र का प्रभाव भी इस दिन रहेगा, जो देर रात 2 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। रेवती नक्षत्र को यात्रा, दान और नए कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है।
पंचक भी चालू
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 20 मार्च को पंचक भी लगा हुआ है। पंचक के दौरान कुछ कार्यों को करने से बचने की सलाह दी जाती है, जैसे घर की छत बनवाना या लकड़ी से जुड़े कार्य। हालांकि पूजा-पाठ और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए यह समय उपयुक्त माना जाता है। इसी दिन भगवान झूलेलाल की जयंती भी मनाई जाएगी, जो विशेष रूप से सिंधी समाज के लिए महत्वपूर्ण पर्व है।
शुभ मुहूर्त
अगर शुभ मुहूर्त की बात करें तो दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त से होगी, जो सुबह 4:50 बजे से 5:38 बजे तक रहेगा। यह समय साधना, ध्यान और पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इसके बाद प्रातः संध्या का समय सुबह 5:14 बजे से 6:25 बजे तक रहेगा। वहीं शाम के समय गोधूलि मुहूर्त 6:30 बजे से 6:54 बजे तक और सायं संध्या 6:32 बजे से 7:43 बजे तक रहेगी, जो पूजा-पाठ और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माने जाते हैं।
राहुकाल
राहुकाल की बात करें तो अलग-अलग शहरों में इसका समय अलग रहेगा। दिल्ली में राहुकाल सुबह 10:58 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक रहेगा, जबकि मुंबई में यह 11:16 बजे से 12:46 बजे तक होगा। लखनऊ में राहुकाल सुबह 10:43 बजे से दोपहर 12:14 बजे तक और भोपाल में 10:57 बजे से 12:28 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल के दौरान शुभ कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।
सूर्योदय और सूर्यास्त
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय भी इस दिन महत्वपूर्ण है। 20 मार्च को सूर्योदय सुबह 6:25 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6:32 बजे होगा। दिन और रात की यह संतुलित अवधि साधना और उपासना के लिए अनुकूल मानी जाती है।
कुल मिलाकर, 20 मार्च 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। नवरात्रि का दूसरा दिन होने के कारण देवी पूजा का विशेष महत्व रहेगा। ब्रह्म योग और रेवती नक्षत्र के संयोग से यह दिन कई शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त बनता है, वहीं पंचक के कारण कुछ कार्यों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इसलिए दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ करना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।






