16 March 2026 Ka Panchang: हिंदू पंचांग के अनुसार, 16 मार्च 2026, सोमवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो सुबह 9 बजकर 41 मिनट तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
व्रत और धार्मिक महत्व
16 मार्च का दिन व्रत और पूजा की दृष्टि से भी खास है। इस दिन पापमोचिनी एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस एकादशी के व्रत से व्यक्ति के पापों का नाश होता है और भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पापमोचिनी एकादशी व्रत का पारण 16 मार्च को सुबह 6 बजकर 46 मिनट से सुबह 9 बजकर 11 मिनट के बीच किया जा सकता है।
इसके अलावा सोमवार होने के कारण इस दिन सोम प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा। यह व्रत भगवान शिव की आराधना के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की बाधाएँ दूर होने और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होने की मान्यता है।
16 मार्च 2026 का पंचांग
- तिथि: चैत्र कृष्ण पक्ष द्वादशी (सुबह 9:41 तक), उसके बाद त्रयोदशी
- योग: शिव योग (सुबह 9:37 तक), उसके बाद सिद्ध योग
- नक्षत्र: धनिष्ठा नक्षत्र (अगले दिन सुबह 6:22 तक)
- व्रत-त्योहार: पापमोचिनी एकादशी व्रत पारण, सोम प्रदोष व्रत
- पंचक: पूरे दिन प्रभावी
राहुकाल का समय
- दिल्ली: सुबह 08:00 – 09:30
- मुंबई: सुबह 08:17 – 09:47
- चंडीगढ़: सुबह 08:02 – 09:32
- लखनऊ: सुबह 07:45 – 09:15
- भोपाल: सुबह 07:59 – 09:29
- कोलकाता: सुबह 07:15 – 08:45
- अहमदाबाद: सुबह 08:18 – 09:48
- चेन्नई: सुबह 07:46 – 09:17
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 6:29 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:29 बजे
धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो 16 मार्च का दिन व्रत, पूजा और आध्यात्मिक साधना के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिव योग, सिद्ध योग और सोम प्रदोष व्रत का संयोग होने के कारण इस दिन भगवान शिव और भगवान विष्णु की उपासना विशेष फलदायी मानी जाती है।