​'न झुकूंगी, न डरूंगी': मायावती का बड़ा ऐलान —2027 में अकेले चुनाव लड़ेगी BSP, प्रेस कॉन्फ्रेंस में शॉर्ट सर्किट से मचा हड़कंप

बसपा सुप्रीमो मायावती ने एलान किया कि उनकी पार्टी 2027 का चुनाव अकेले लड़ेगी, क्योंकि गठबंधन से बसपा का वोट ट्रांसफर होता है पर विपक्षी का नहीं।

Updated On 2026-01-15 13:57:00 IST

​मायावती ने स्पष्ट किया कि अब तक के अनुभवों के आधार पर उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है।

लखनऊ : ​बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने लखनऊ में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आगामी राजनीतिक भविष्य को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मायावती ने साफ तौर पर घोषणा की है कि बसपा उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनाव समेत देश के सभी चुनाव अकेले ही लड़ेगी।

उन्होंने गठबंधन की राजनीति को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि गठबंधन से उनकी पार्टी को फायदे के बजाय नुकसान ज्यादा होता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में हॉल में हुए शॉर्ट सर्किट और धुएं के कारण अफरा-तफरी मच गई, जिससे मायावती को बिना मीडिया के सवाल लिए ही वहां से जाना पड़ा।

​गठबंधन से तौबा और 'एकला चलो' की नीति

​मायावती ने स्पष्ट किया कि अब तक के अनुभवों के आधार पर उन्होंने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उनका तर्क है कि बसपा का दलित वोट तो पूरी ईमानदारी से गठबंधन के साथी दल को ट्रांसफर हो जाता है, लेकिन सवर्ण समाज या गठबंधन दल का वोट बसपा के उम्मीदवार को नहीं मिलता।

मायावती ने कहा कि गठबंधन पर फिर से विचार करने में अभी वर्षों लगेंगे और वह तभी सोचेंगी जब उन्हें पूरा भरोसा होगा कि सामने वाली पार्टी सवर्णों का वोट बसपा को दिला सकेगी।

उन्होंने यह भी दावा किया कि सपा का 'पीडीए' धरा का धरा रह जाएगा और दलित व अल्पसंख्यक समुदाय का बड़ा हिस्सा बसपा के साथ जुड़ेगा।

​ईवीएम पर सवाल और बैलेट पेपर की मांग

​चुनावों की शुचिता पर सवाल उठाते हुए बसपा सुप्रीमो ने एक बार फिर ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से चुनाव कराने की वकालत की। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी चर्चाएं हैं कि ईवीएम में धांधली हो सकती है।

यदि ईवीएम में गड़बड़ी न हो, तो बसपा के परिणाम बेहद सुखद आएंगे। उन्होंने विश्व के अन्य देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि कई उन्नत देशों ने भी ईवीएम को हटाकर वापस बैलेट पेपर को अपनाया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से इस दिशा में ठोस फैसला लेने की उम्मीद जताई।

​ब्राह्मण कार्ड और विरोधियों पर तीखा हमला

​मायावती ने ब्राह्मण समाज को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि बसपा की सरकार में ही ब्राह्मणों का हित सुरक्षित है। उन्होंने ब्राह्मण विधायकों की बैठक का हवाला देते हुए कहा कि वर्तमान में इस समाज की उपेक्षा हो रही है।

मायावती ने आगाह किया कि ब्राह्मणों को किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए और न ही "किसी का बाटी-चोखा खाना चाहिए।" उन्होंने कांग्रेस और भाजपा पर तरह-तरह के हथकंडे अपनाने और षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया।

मायावती ने कहा कि वह अपने संघर्षमय जीवन और बसपा मूवमेंट का लेखा-जोखा जल्द ही जारी करेंगी ताकि विरोधियों के षड्यंत्र का पर्दाफाश हो सके।

​अजेय रहने का संकल्प और स्वास्थ्य पर बयान

​अपने व्यक्तिगत संकल्प को दोहराते हुए मायावती ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन संतों और महापुरुषों के बताए रास्ते पर समर्पित कर दिया है। उन्होंने विरोधियों को कड़ा संदेश देते हुए कहा, "मैं झुकने और डरने वाली नहीं हूं।

" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक वह जीवित रहेंगी और उनका स्वास्थ्य ठीक रहेगा, वे शोषित और वंचित वर्गों के हक के लिए काम करती रहेंगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सचेत रहने और विरोधियों की साजिशों से बचने की सलाह दी।

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में शॉर्ट सर्किट

​लखनऊ में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कॉन्फ्रेंस हॉल में अचानक शॉर्ट सर्किट हो गया।

हॉल में बिजली के तारों से धुआं निकलने लगा, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत अग्निशमन यंत्र का प्रयोग किया और आग पर काबू पाने की कोशिश की।

सुरक्षा कारणों और धुएं के चलते मायावती ने अपनी बात वहीं खत्म की और मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना ही हॉल से रवाना हो गईं।

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