MPPSC दफ्तर के बाहर धरना पड़ा भारी: ध्वनि प्रदूषण नियम तोड़ने पर प्रदर्शनकारियों पर केस दर्ज

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) कार्यालय के सामने किया गया धरना प्रदर्शन अब प्रदर्शनकारियों के लिए मुश्किल का कारण बन गया है।

Updated On 2026-01-30 13:46:00 IST

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) कार्यालय के सामने किया गया धरना प्रदर्शन अब प्रदर्शनकारियों के लिए मुश्किल का कारण बन गया है। धरने के दौरान ध्वनि प्रदूषण नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केस दर्ज किया है। यह मामला संयोगितागंज थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही प्रशासन की ओर से आयोजकों को लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और तय डेसिबल सीमा का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई थी। इसके बावजूद 27 तारीख तक चले धरने के दौरान कई बार नियमों की अनदेखी की गई। धरना समाप्त होने के बाद जब ज्ञापन सौंपा गया, उस समय भी माइक की आवाज तय मानकों से अधिक पाई गई।

बताया जा रहा है कि तेज आवाज में माइक और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से आसपास के इलाके में ध्वनि प्रदूषण की स्थिति बन गई थी, जिसकी शिकायतें पुलिस तक पहुंचीं। जांच के बाद पुलिस ने नियम उल्लंघन को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की।

इस मामले में पुलिस ने राधे जाट और रंजीत समेत कुल चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया है। वहीं, कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान नियमों का पालन करना अनिवार्य है और ध्वनि प्रदूषण को किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

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