Coldrife Case: सर्दी-खांसी की दवा बनी मौत का कारण, बैतूल में एक और बच्चे की मौत; दोनों किडनियां फेल
Coldrife Cough Syrup Case : बैतूल में जहरीले कफ सिरप से एक और बच्चे की मौत हो गई। जांच में सिरप में तय सीमा से कई गुना ज्यादा डीईजी पाया गया, जिससे दोनों किडनियां फेल हो गई थीं।
Coldrife Cough Syrup Case : जहरीले कफ सिरप से बच्चे की मौत
रिपोर्ट- गुरजीत कौर: मध्यप्रदेश में जहरीले कफ सिरप का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बैतूल जिले के एक और बच्चे की मौत हो गई है। मृतक बच्चे की पहचान हर्ष के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक बैतूल के तीन बच्चों की जान जा चुकी है, जिससे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
मामूली सर्दी-खांसी में दी गई थी दवा
जानकारी के मुताबिक बैतूल के टीकाबर्री गांव निवासी गोपाल यदुवंशी अपने बेटे हर्ष को मामूली सर्दी-खांसी की शिकायत पर छिंदवाड़ा जिले के परासिया में डॉक्टर एस.एस. ठाकुर के पास लेकर गए थे। डॉक्टर ने उपचार के दौरान कोल्ड्रिफ कफ सिरप लिखी थी।
दवा लेने के कुछ समय बाद ही बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी और हालत लगातार गंभीर होती चली गई।
इलाज के दौरान फेल हो गईं दोनों किडनियां
परिजनों के अनुसार हर्ष की दोनों किडनियां पूरी तरह खराब हो चुकी थीं। पहले उसका इलाज नागपुर के एक निजी अस्पताल में कराया गया। मामला सामने आने के बाद सरकार ने प्रभावित बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी ली, जिसके तहत हर्ष को एम्स में भर्ती कराया गया था।
लंबे समय तक चले इलाज के बावजूद बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी। इलाज के बाद परिजनों को हर्ष का शव सौंप दिया गया।
कफ सिरप में मानक से कई गुना ज्यादा जहरीला तत्व
जांच में सामने आया है कि कोल्ड्रिफ कफ सिरप में तय मानकों से कहीं अधिक डीईजी (डाईएथिलीन ग्लाइकोल) पाया गया था। रिपोर्ट के अनुसार कफ सिरप में डीईजी की मात्रा करीब 48 प्रतिशत थी, जबकि तय मानक के अनुसार यह मात्रा 0.1 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
इसी जहरीले तत्व के कारण बच्चों की किडनियां फेल हुईं और उनकी जान चली गई।
सरकार ने किया था कफ सिरप पर बैन
कोल्ड्रिफ कफ सिरप से मध्यप्रदेश और राजस्थान में लगातार बच्चों की मौत के मामले सामने आने के बाद सरकार ने इस दवा पर प्रतिबंध लगा दिया था। बावजूद इसके, मौतों की संख्या बढ़ने से स्वास्थ्य व्यवस्था और दवा नियंत्रण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।