Delhi: पीएम मोदी ने पिपरहवा अवशेषों की प्रदर्शनी का किया उद्घाटन, लोगों को दिया ये संदेश

यह ऐतिहासिक आयोजन भगवान बुद्ध के पिपरावा रत्न अवशेषों के पुनर्मिलन का प्रतीक है, जिन्हें 127 वर्षों के बाद वापस लाया गया है।

Updated On 2026-01-03 16:15:00 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिपरहवा अवशेषों की प्रदर्शनी देखते हुए। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह नई दिल्ली के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में 'प्रकाश और कमल: जागृत व्यक्ति के अवशेष' शीर्षक से आयोजित पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भव्य अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह ऐतिहासिक आयोजन भगवान बुद्ध के पिपरावा रत्न अवशेषों के पुनर्मिलन का प्रतीक है, जिन्हें 127 वर्षों के बाद वापस लाया गया है। इन अवशेषों में 1898 और फिर 1971-1975 में पिपरावा स्थल पर हुई खुदाई से प्राप्त अवशेष, रत्न और अवशेष पात्र शामिल हैं।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मेरे जीवन पर भगवान बुद्ध का बहुत ही गहरा प्रभाव रहा है। मेरा जन्म ऐसे शहर में हुआ, जो कि बौद्ध शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र था। मेरी कर्मभूमि सारनाथ, जहां भगवान बुद्ध ने अपने प्रथम उपदेश दिए थे। मैं सरकार के दायित्व से दूर था, तब भी मैं तीर्थयात्री के रूप में बौद्ध धर्म के तीर्थ स्थलों की यात्रा करता था। प्रधानमंत्री के रूप में तो मुझे दुनियाभर के तीर्थ स्थलों पर जाने का अवसर मिला।

उन्होंने नेपाल, चीन, जापान और मंगोलिया के तीर्थ स्थलों की यात्रा का अनुभव साझा किया। कहा कि लोगों की आंखों में बौद्ध धर्म की विरासत का कितना जुड़ाव है। प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृति और बौद्ध धर्म के प्रति उत्साही लोगों से इस प्रदर्शनी में शामिल होने का आह्वान किया। इस प्रदर्शनी में नई दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय और कोलकाता के भारतीय संग्रहालय में संरक्षित पिपरहवा के प्रामाणिक अवशेष और पुरातात्विक सामग्री भी शामिल हैं। 

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