Education News: दिल्ली का एक भी बच्चा पढ़ाई से वंचित नहीं रहेगा, जानिये कैसे?
शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली के सभी जिलों में शीतकालीन सर्वे शुरू किया है। इसके तहत उन बच्चों की सूची तैयार होगी, जो कि या तो स्कूल नहीं गए या फिर किसी कारण से पढ़ाई छोड़ दी।
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो- सोशल मीडिया)
कोरोना काल का शिक्षा पर भी नकारात्मक असर पड़ा। आज हम कोरोना की महामारी से मुक्त हो चुके हैं, लेकिन अभी भी कई बच्चे ऐसे हैं, जो कि शिक्षा से दूर हो चुके हैं। इन बच्चों की पहचान के लिए शिक्षा निदेशालय ने अहम कदम उठाया है। अगर शिक्षा निदेशालय की यह पहल सार्थक साबित होती है, तो दिल्ली का एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिक्षा निदेशालय ने दिल्ली के सभी जिलों में शीतकालीन सर्वे शुरू किया है। इसके तहत संबंधित टीमें प्रत्येक घर जाकर उन बच्चों की सूची तैयार करेगा, जो कि या तो स्कूल नहीं गए या फिर किसी कारण से पढ़ाई छोड़ दी।
इस सर्वे के दौरान बच्चों को चार समूहों में बांटा गया है। 5 वर्ष तक, 6 से 10 वर्ष, 11 से 14 वर्ष और 15 से 19 वर्ष के बीच के बच्चों को एक समूह में रखा जाएगा। यह शीतकालीन सर्वे 15 जनवरी तक चलेगा। टीमें प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक हर घर जाकर शिक्षा से वंचित बच्चों को चिह्निंत करेगी। इस अभियान का उद्देश्य सार्वभौमिक शिक्षा सुनिश्चित करना है।
मीडिया से बातचीत में एक अधिकारी ने बताया कि इस शीतकालीन सत्र को सफल बनाने के लिए कुल 234 टीमें तैनात की गई हैं। केवल झुग्गी बस्ती ही नहीं बल्कि अनाधिकृत कॉलोनियों समेत निर्माण स्थलों जैसी जगहों पर रहने वाले बच्चों को भी सर्वे में शामिल किया जाएगा। इसके बाद इन बच्चों का दाखिला सुनिश्चित कराया जाएगा। साथ ही, 7 फरवरी तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से जरूरतमंद और गरीब बच्चों को शिक्षा उपलब्ध होगी, वहीं अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हो पाएंगी ताकि आसानी से मुख्यधारा में जुड़ सकें। इसके अलावा बालश्रम और स्कूल ड्रॉपआउट जैसी समस्याओं का भी निदान हो जाएगा।