Old Rajendra Nagar Tragedy: 'आगे जांच की जरूरत नहीं...,' ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग हादसे पर बोलीं CBI, पीड़ित पक्ष ने लगाया आरोप

Old Rajendra Nagar Tragedy: ओल्ड राजेंद्र नगर कोचिंग हादसे को लेकर CBI ने कहा कि मामले में जांच की जरूरत नहीं है।

Updated On 2026-02-04 15:45:00 IST

ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग हादसे को लेकर CBI ने राउज एवेन्यू कोर्ट में दिया जवाब। 

Old Rajendra Nagar Tragedy: साल 2024 में दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भर गया था, जिसमें सिविल सेवा की तैयारी कर रहे 3 स्टूडेंट्स तान्या सोनी,श्रेया यादव और नेविन डेल्विन की दम घुटने से मौत हो गई थी। अब इस मामले में CBI ने साफ तौर पर राउज एवेन्यू कोर्ट में कहा है कि इस पर अब जांच की जरूरत नहीं है।

CBI ने इस मामले को लेकर कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करते हुए बताया कि, इस हादसे जुड़ा हर सबूत इकट्ठा किया जा चुका है। मामले में सभी पहलुओं से जांच पूरी कर ली गई है। CBI द्वारा यह जवाब मृतक नेविन डाल्विन के पिता डाल्विन सुरेश की ओर से दायर उस याचिका पर दिया गया है, जिस पर उन्होंने मामले में आगे की जांच की मांग उठाई गई थी।

याचिकाकर्ता के वकील ने क्या कहा ?

मामले को लेकर राउज एवेन्यू कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील अभिजीत आनंद ने CBI पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि CBI ने मामले में निष्पक्ष और पूरी जांच नहीं की है, वहीं कई अहम पहलुओं को अनदेखा किया गया है। अभिजीत आनंद ने आगे कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों के बावजूद मामले के सभी पहलुओं की जांच नहीं की गई है।

वहीं CBI ने कोर्ट से कहा कि जांच जांच पूरी तरह निष्पक्ष, कानून के मुताबिक और हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार की गई है। CBI ने आरोपों को खारिज किया, और कहा किसी भी आरोपी MCD या फायर सर्विस के अधिकारियों के साथ मिलीभगत नहीं की गई।

CBI के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड, एमसीडी के करोल बाग जोन के डिप्टी कमिश्नर और संबंधित इंजीनियरों की भूमिका की भी गहनता से जांच हो चुकी है। जांच में यह भी पता लगा है कि ओल्ड राजेंद्र नगर इलाके में पहले से जलभराव की समस्या रहती थी। कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चल रहा था, जिसे चार्जशीट में शामिल किया गया है।

पीड़ित पक्ष ने लगाया आरोप 

पीड़ित पक्ष की तरफ से कोर्ट में आरोप लगाया गया है इमारत की ऊंचाई 15 मीटर से ज्यादा थी, इसके अलावा मामले में कुछ बड़े अधिकारियों को बचाया जा रहा है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले की अगली सुनवाई तय की गई है। बता दें कि इस मामले में 2 अगस्त 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट ने CBI को जांच की जिम्मेदारी सौंपी थी। इस मामले में पीड़ित परिवार आज भी न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें। हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए haribhoomi.com के साथ।

Tags:    

Similar News