Delhi Murder: नरेला में एक शख्स लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर पहुंचा थाने, बोला- मैंने उसे मार दिया
दिल्ली के नरेला इलाके में संपति विवाद के चलते लाइसेंसी रिवॉल्वर से हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खुद अपने साथी के साथ सरेंडर करने के लिए थाने पहुंच गया।
दिल्ली नरेला मर्डर केस
Delhi Murder Case: दिल्ली के नरेला इलाके में संपत्ति बेचने के कमीशन को लेकर हुए विवाद में एक 55 वर्षीय व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर पुलिस थाने पहुंच गया। हाथों में रिवॉल्वर देख पुलिसकर्मी सकते में आ गए। आरोपी ने बताया कि उसने हत्या की है। इसके बाद पुलिस ने उसे और उसके साथी को तुरंत हिरासत में ले लिया।
पुलिस के अनुसार, घटना घोगा गांव की है। आरोपी दिनेश कुमार ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से 55 वर्षीय धर्मपाल को गोली मारी। वारदात के बाद पुलिस ने रिवॉल्वर कब्जे में ले ली और आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल पर पहुंची। वहां एक ट्यूबवेल के पास धर्मपाल का शव मिला। मृतक के बेटे प्रदीप ने अपने पिता की पहचान की। पुलिस ने दिनेश कुमार और उसके साथी भूप सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। क्राइम टीम और एफएसएल की टीम ने मौके से सबूत जुटाए।
डीसीपी (आउटर नॉर्थ) हरेश्वर वी स्वामी के अनुसार, शनिवार (3 जनवरी 2026) को दिनेश कुमार अपने साथी भूप सिंह के साथ नरेला पुलिस स्टेशन पहुंचा। उसने थाने में मौजूद पुलिसवालों को बताया कि उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से धर्मपाल को गोली मारकर हत्या कर दी है। शुरुआती जांच में पता चला कि हत्या के पीछे संपत्ति बेचने के बाद कमीशन को लेकर विवाद था। मृतक धर्मपाल की संपत्ति बेचने में मदद की थी, लेकिन दिनेश को उम्मीद थी कि उसे कमीशन मिलेगा, जो नहीं मिला। इस बात से नाराज होकर उसने यह कदम उठाया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
यह पहला मामला नहीं
यह कोई पहला मामला नहीं है जब लाइसेंसी हथियार से हत्या हुई हो। इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। एक मामले में एक नाबालिग ने अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से अपने साथ पढ़ने वाले दोस्त की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस घटना में पुलिस ने दो नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस समय लोगों से अपील की थी कि वे अपने लाइसेंसी हथियारों को बच्चों की पहुंच से दूर रखें, ताकि ऐसी घटनाएं न हों। ऐसे मामले हथियारों के दुरुपयोग की गंभीर समस्या को उजागर करते हैं।