Ghaziabad Fraud: गाजियाबाद में फर्जी आयकर नोटिस से 5.56 लाख रुपये लूटे, सिपाही समेत 2 गिरफ्तार
Ghaziabad Fraud Case: गाजियाबाद में लूट के मामले में सिपाही समेत 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।
गाजियाबाद में लूट के मामले में सिपाही समेत 2 गिरफ्तार।
Ghaziabad Fraud Case: गाजियाबाद से कारोबारी को आयकर का फर्जी नोटिस भेजकर 5.50 लाख रुपये लूटने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने इस मामले में सिपाही समेत 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सिपाही पर जेल भेजने का डर दिखाकर कारोबारी से 10 हजार रुपये लूटने का आरोप है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरीफाबाद राजपुर के रहने वाल सागर ने 23 जनवरी को टीला मोड़ थाने में मोहित और टीला मोड़ थाने में तैनात सिपाही दिगंबर सिंह के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। शिकायत में सागर ने मोहित और दिगंबर पर आरोप लगाया था कि उन्हें आयकर का फर्जी नोटिस ई-मेल पर भेज कार्रवाई का डर दिखाकर पैसे ऐंठे गए हैं। पीड़ित से ज्यादातर पैसे मोहित ने वसूल किए थे, जबकि सिपाही दिगंबर ने 10 हजार रुपये लूटे थे और उसे फेक नोटिस भेजकर धमकी दी गई थी।
आरोपी ने सिपाही से क्या कहा था ?
शालीमार गार्डन के ACP अतुल कुमार सिंह ने कहा कि शुरूआती जांच में जब सिपाही दिगंबर सिंह के बारे में पता लगा तो उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। सोमवार को भोपुरा तिराहे के पास से मोहित और दिगंबर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दिगंबर ने बताया कि मोहित और सागर एक-दूसरे को पहले से जानते थे। मोहित ने दिगंबर से कहा था कि सागर उसके रुपये नहीं लौटा रहा है, उसे डराना है। जिसके बाद दिगंबर ने सागर को थाने बुला लिया।
मोहित ने कहा कि उसने सागर को सस्ते में बाइक दिलाने के नाम पर उससे एडवांस में पैसे ले लिए थे। जब सागर ने पैसे मांगे तो आयकर और बैंक के नोटिस इंटरनेट से डाउनलोड कर उसके नाम भेज दिए गए, जिसका डर दिखाकर वह सागर से पैसे हड़पता रहा और 5 लाख 50 हजार रुपये ले लिए। लेकिन सागर मोहित को धमकी देने लगा कि उसके पैसे नहीं दिए तो उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया जाएगा। जिसकी वजह से मोहित डर गया और उसने दिगंबर से फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दिलवाई थी।
पीड़ित ने की आत्महत्या की कोशिश
कारोबारी सागर ने बाइक फाइनेंस करवाने के लिए मोहित को 10,000 रुपये दिए थे, लेकिन मोहित ने पैसे खर्च कर दिए और सागर को उनकी फर्म के नाम पर पहले से बाइक फाइनेंस होने की बात कहकर भुगतान का दबाव बनाया। जिसके बाद मोहित ने आयकर का फर्जी नोटिस सागर को भेजा और उसे जेल का डर दिखाकर पैसे हड़प लिए, जिसकी वजह से सागर काफी तनाव में रहने लेग और आत्महत्या करने की कोशिश भी की थी।
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