शांभवी तिवारी का काव्य संग्रह विमोचित: 13 साल की नन्ही उम्र में लिख डाली 'Where the Heart Learns to Rise' नामक बुक
रायपुर में वक्ता मंच द्वारा 13 वर्षीय बाल लेखिका शांभवी तिवारी के प्रथम कविता संग्रह 'Where the Heart Learns to Rise' का विमोचन हुआ।
मंच पर सम्मानित होते हुए शांभवी तिवारी
रायपुर। साहित्य और संवेदना जब बाल मन से निकलकर समाज से संवाद करती है, तो वह केवल कविता नहीं रह जाती, बल्कि प्रेरणा बन जाती है। राजधानी रायपुर के वृन्दावन हॉल में साहित्यिक संस्था वक्ता मंच के तत्वावधान में शहर की प्रतिभाशाली बाल लेखिका शांभवी तिवारी के प्रथम कविता संग्रह 'Where the Heart Learns to Rise' का विमोचन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संभाग आयुक्त महादेव कावरे रहे, जबकि अध्यक्षता भूतपूर्व सैनिक एवं हाईकोर्ट अधिवक्ता वीरेंद्र शर्मा ‘अनुज’ ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार पं. पी. के. तिवारी, राजकुमार धर द्विवेदी, वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र रायपुरी और कर्मचारी नेत्री ज्योति शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन वक्ता मंच के अध्यक्ष राजेश पराते और संयोजन शुभम साहू द्वारा किया गया।
बाल लेखिका शांभवी का किया गया सम्मान
विमोचन उपरांत बाल लेखिका शांभवी तिवारी ने अपने काव्य संग्रह से तीन कविताओं का सशक्त पाठ किया, जिसने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। अतिथियों द्वारा ट्रॉफी और सम्मान पत्र प्रदान कर बाल कवयित्री का सम्मान किया गया।
13 वर्ष की आयु से अंग्रेजी भाषा में पकड़
मुख्य अतिथि संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने अपने संबोधन में कहा कि शांभवी की कविताएं बाल मन की सशक्त और परिपक्व अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि, मात्र 13 वर्ष की आयु में अंग्रेजी भाषा पर उसकी पकड़ और विचारों की गहराई प्रशंसनीय है। उसकी कविताएं जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण, नैतिक मूल्यों और धैर्य के साथ चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देती हैं।
कविता मुझे बेहतर इंसान बनाती है- शांभवी
बाल लेखिका शांभवी तिवारी ने कहा कि, कविता लिखने की प्रेरणा उन्हें जीवन के अनुभवों और मन के भीतर उठने वाले भावों से मिलती है। जब शब्द कम पड़ जाते हैं, तब भाव स्वयं कविता बनकर कागज पर उतर आते हैं। उन्होंने कहा कि, कविता उन्हें बेहतर इंसान बनाती है, जबकि भविष्य में आईपीएस अधिकारी बनने का सपना उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है।
विजेताओं को किया गया सम्मानित
विमोचन कार्यक्रम के पश्चात 'अमर रहे गणतंत्र हमारा' विषय पर काव्य स्पर्धा आयोजित की गई। जिसमें रायपुर और आसपास के लगभग 60 कवियों ने सहभागिता की। स्पर्धा के निर्णायक वरिष्ठ साहित्यकार राजेंद्र रायपुरी रहे। प्रतियोगिता में मो. हुसैन (रायपुर) ने प्रथम, विजय कोशले (सारंगढ़) ने द्वितीय तथा रामचंद्र श्रीवास्तव (नया रायपुर) ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। कार्यक्रम प्रभारी विवेक बेहरा द्वारा विजेताओं को सम्मानित किया गया।
अतिथियों ने वक्ता मंच की सराहना की
अंत में अतिथियों ने नई प्रतिभाओं को मंच देने और स्थापित साहित्यकारों को सम्मानित करने की वक्ता मंच की तीन दशकों से चली आ रही परंपरा की सराहना की। संस्था अध्यक्ष राजेश पराते ने घोषणा की कि अब प्रत्येक माह नियमित रूप से काव्य स्पर्धा आयोजित की जाएगी, जिससे प्रदेश के कवियों को उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए मंच और प्रेरणा मिल सके। संयोजक शुभम साहू के आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।