RSS के प्रमुख मोहन भागवत पहुंचे श्रीराम मंदिर: किया दर्शन-पूजन, सामाजिक सद्भावना बैठक में होंगे शामिल

छत्तीसगढ़ दौरे के तीसरे दिन RSS प्रमुख मोहन भागवत श्रीराम मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने सामाजिक सद्भावना बैठक में भाग लिया।

Updated On 2026-01-01 11:38:00 IST

श्रीराम मंदिर पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत

रायपुर। छत्तीसगढ़ दौरे के तीसरे दिन राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत श्रीराम मंदिर परिसर पहुंचे। जहां उन्होंने सामाजिक सद्भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित विशेष बैठक में शिरकत की। इस बैठक में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि मौजूद रहे और समाज में समरसता, आपसी सहयोग और राष्ट्रहित से जुड़े अहम विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।

श्रीराम मंदिर परिसर में आयोजित इस सामाजिक सद्भावना बैठक में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने सभी समाजों के प्रतिनिधियों से संवाद किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य सामाजिक एकता, समरसता और आपसी सौहार्द को मजबूत करना रहा।

सामाजिक समरसता पर चर्चा
इस अवसर पर मोहन भागवत ने समाज को जोड़ने वाले विचारों पर जोर देते हुए कहा कि सामाजिक समरसता ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। बैठक में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे और समाज में व्याप्त चुनौतियों पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और स्थानीय सामाजिक प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

रायपुर में विराट हिंदू सम्मेलन
वहीं 31 दिसंबर को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत आरएसएस प्रमुख मोहन की मौजूदगी में रायपुर के अभनपुर में विराट हिंदू सम्मेलन आयोजन किया जा रहा है। जिसमें शामिल होने के लिए सीएम विष्णुदेव साय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, भाजपा नेता धरमलाल कौशिक और बीजेपी के अन्य नेता भी बड़ी संख्या में पहुंचे हुए हैं।

विराट हिंदू सम्मलेन को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि, आप जो जीवन जी रहे हैं उसमें इन बातों को समाहित कीजिए। पहला अपनी आंखों से अलगाव और भेद- भाव को निकालो, सबको अपना मानकर व्यवहार करो। हम पूरे हिंदुओं को एक मानते हैं। लेकिन दुनिया हिंदुओं में प्रकार मानती है, उन सब में अपने दोस्त होने चाहिए, जात-पात भाषा कुछ नहीं देखना सब अपने हैं। क्योंकि, सभी भारतवासी है पूरे भारत अपना है। सभी व्यक्तियों में घट-घट में राम बैठा है, सारी व्यवस्थाएं हिंदुओं के लिए खुली होनी चाहिए।

आज कल घरों में बातचीत बंद
उन्होंने आगे कहा कि, आदमी जब दुनिया में अकेला पड़ जाता है तो नशे में उलझ जाता है। लेकिन जब उसे साथ सहयोग मिला तो वह बच सकता है। आजकल घरों में भी बातचीत बंद हो चुकी है। समय तय कर कर एक बार शाम को सभी सदस्य घर में मौजूद रहें। यह मेरा देश है मैं भारतवासी हूं यह हिंदुओं का देश है तो हिंदू धर्म क्या है। हमारे देश में हिंदुत्व की रक्षा के लिए अपना जीवन लोगों ने लगा दिया। अपने प्राणों की आहुति दे दी, वे हमारे आदर्श हैं।

मैं और मेरा परिवार देश के कारण
आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा कि, मैं और मेरा परिवार देश के कारण है। अगर देश खतरे में पड़ गया तो दोनों खतरे में है। कुटुंब प्रबोधन और मंगल संवाद इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। प्राकृतिक चीजों की रक्षा अति आवश्यक है जल की रक्षा महत्वपूर्ण है। पर्यावरण के लिए तीन काम है। हम चीन जापान के लोग नहीं भारत के लोग हैं, तो इस लिहाज से हमें अपने घरों में काम से कम मातृभाषा का प्रयोग करना चाहिए।

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