किसान का तहसीलदार पर गंभीर आरोप: बोला-मुझसे जबरदस्ती साइन कराया गया, 15 क्विंटल धान लेकर पहुंचा विधायक के घर
नगरी में किसान कृष्ण कुमार उईके ने रास्ते में धान रोकने और जबरन समर्पण करवाने के विरोध में विधायक कार्यालय के सामने धान रखकर अनोखा प्रदर्शन किया।
विधायक कार्यालय के बाहर धान के कट्टों के साथ प्रदर्शन करता किसान
अंगेश हिरवानी - नगरी। सिहावा विधानसभा क्षेत्र के नगरी में एक किसान ने प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ ऐसा रास्ता अपनाया, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। ग्राम कल्लेमेटा निवासी किसान कृष्ण कुमार उईके धान के कट्टे लेकर सीधा विधायक निवास पहुंच गया और कार्यालय के सामने धान रखकर अनोखा प्रदर्शन किया।
45 क्विंटल मंडी पहुँचा, 15 क्विंटल रास्ते में रोका गया
डोंगाडुला धान खरीदी केंद्र से किसान के नाम पर 60 क्विंटल धान का टोकन जारी हुआ था। 13 जनवरी को किसान धान लेकर मंडी के लिए निकला। जिसमे से 45 क्विंटल धान पिकअप से मंडी पहुंच गया, लेकिन ट्रैक्टर में लदे 15 क्विंटल धान को बिलभदर के पास प्रशासनिक जांच के नाम पर रोक लिया गया। कृष्ण कुमार का आरोप है कि दस्तावेज़ पूर्ण रूप से सही होने के बावजूद अधिकारियों ने दबाव डालकर जबरन 15 क्विंटल धान का समर्पण पंचनामा बनवाया और हस्ताक्षर भी करवा लिए।
दिनभर दफ्तरों में भटका किसान
किसान ने बताया कि, सुबह से शाम तक उसने मंडी और सरकारी कार्यालयों में अपनी बात रखने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। निराश होकर उसने धान के कट्टों को लेकर विधायक कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया। कार्यालय के सामने रखा धान उस दिन किसान की बेबसी और गुस्से की खुली गवाही बन गया।
विधायक अंबिका मरकाम ने जताई नाराज़गी
मामले पर विधायक अंबिका मरकाम ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि, रास्ते में रोककर धान का सत्यापन करना नियमों के खिलाफ है। सत्यापन करना है तो किसान के घर जाकर किया जाना चाहिए। उड़ीसा बॉर्डर से बड़े व्यापारी बिना रोक-टोक धान खपा रहे हैं, जबकि स्थानीय किसानों को परेशान किया जा रहा है। विधायक ने तत्काल तहसीलदार और थाना प्रभारी को मौके पर बुलाकर समाधान के निर्देश दिए।
स्थायी समाधान न मिला तो बड़ा आंदोलन- किसान की चेतावनी
कृष्ण कुमार उईके ने साफ कहा कि, यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वह ब्लॉक मुख्यालय के बजरंग चौक में धान रखकर बड़ा आंदोलन करेगा।