मध्यान्ह भोजन पकाने वाले रसोइया धरने पर: 18 दिन से खुले आसमां के नीचे रसोई, राशन-पानी खत्म

सरकारी स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चों के लिए रोज भरपेट मध्यान्ह भोजन पकाने वाले रसोइया खुले आसमान के नीचे अंजान शहर में रसोई बनाकर एक दूसरे का पेट भर रहे हैं।

Updated On 2026-01-16 11:48:00 IST

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रायपुर। प्रदेशभर के सरकारी स्कूलों में छोटे-छोटे बच्चों के लिए रोज भरपेट मध्यान्ह भोजन पकाने वाले रसोइया खुले आसमान के नीचे अंजान शहर में रसोई बनाकर एक दूसरे का पेट भर रहे हैं। नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर इस तरह के सैकड़ों कच्चे चूल्हे से अलग-अलग जिलों से पहुंची मध्यान्ह भोजन रसोइया सीमित साधन में रसोई बना रही हैं।

पिछले 18 दिनों से वे अपने साथ घर से बरतन, कपड़े, दैनिक उपयोगी की सामग्री और राशन पानी साथ लेकर धरना दे रही हैं। हालत ये है कि अब उनका राशन पानी खत्म होने के कगार पर है। ऐसे में रायपुर से नजदीक के जिले वाली साथी उनके लिए कच्चा राशन जुटाने आगे आई हैं। ठिठुरती ठंड में साझा चूल्हा की तर्ज पर धरना स्थल   वाली खुली जगह पर इनके चूल्हे से रसोई बन रही है। शुरू में इन्हें पीने के पानी की परेशानी धरना स्थल पर रही, तब तूता गांव के सरपंच से आग्रह कर प्रदर्शनकारी वहीं से पानी भरकर लाते रहे। अब जिला प्रशासन ने धरना स्थल के बिगड़े बोर को ठीक करा दिया है।

अस्थायी तंबू में ठिठुराने वाली ठंड में रात गुजार रही महिलाएं, बच्चे भी साथ
तूता के धरना स्थल पर बीजापुर, बस्तर, राजनांदगांव, दुर्ग, कांकेर सहित अन्य जिलों से मध्यान्ह भोजन रसोइया अपने तीन सूत्रीय मांग को लेकर डटी हुई है। डोम में जगह कम पड़ने पर वे धरना स्थल के पास खाली जमीन पर अस्थायी तंबू बनाकर वहीं रह रही हैं। ठिठुरते ठंड में बच्चों के साथ रहने में उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। पर तंबू में ही उनकी सुबह से लेकर शाम बीत रही है। रसोई के आग जलाने वे तूता के आसपास से लकड़ियां इकट्ठा कर रोज लाती हैं और भोजन बनाने के बाद वहीं जमीन पर बैठकर एक साथ भोजन कर एक दूसरे का हाल जान रही हैं।

धरना स्थल से रैली निकालेंगे रसोइया आज
छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन रसोईया संयुक्त संघ के आव्हान पर प्रदेश भर के मध्यान्ह भोजन रसोइए 16 जनवरी को दोपहर 2 बजे से तूता स्थित धरना स्थल से प्रदेश व्यापी रैली निकालेंगी। यह रैली धरना स्थल से अंडरब्रिज तक निकाली जाएगी।

2 की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में कराया भर्ती
छत्तीसगढ़ मध्यान्ह भोजन संयुक्त रसोइया संघ के अध्यक्ष रामराज कश्यप ने हरिभूमि से बातचीत में बताया कि उनके दो साथियों की तबियत बिगड़ने से उन्हें अस्पताल में उपचार के लिए ले जाना पड़ा। इनमें कांकेर जिले के भानप्रताप पुर और नारायपुर जिले से आए एक साथी शामिल हैं। रसोइयों की प्रमुख मांग कलेक्टर दर पर मानदेय दिए जाने, छात्र-छात्राओं की दर्ज संख्या कम होने पर रसोइयों को नौकरी से निकालने की प्रक्रिया को तत्काल बंद करने और अंशकालीन मध्यान्ह भोजन रसोइयों को पूर्णकालिक करने की मांग है। उन्होंने दावा कि प्रदेश भर के 87 हजार मध्यान्ह भोजन रसोइया इस आंदोलन में शामिल हैं। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती आंदोलन जारी रहेगा।

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