जमीन गाइडलाइन दरों पर नया आदेश जारी: नगर पंचायतों, पालिका में लागू होंगे पुराने प्रावधान, बहुमंजिला फ्लैट और दुकानों को भी बड़ी राहत

सरकार ने जमीन गाइडलाइन दरों को लेकर उपजे विवादों के बीच आदेश जारी किया है। जिसमें पुराने प्रावधान लागू, इंक्रीमेंटल गणना समेत कई राहत प्रदान की गई है।

Updated On 2025-12-08 12:38:00 IST

जमीन गाइडलाइन दरों पर नया आदेश जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन गाइडलाइन दरों को लेकर उपजे विवादों के बीच बड़ी खबर सामने आई है। कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन ने गाइडलाइन दरों में पुनरीक्षण को लेकर आदेश जारी किया है। जिसके अनुसार, शहरों में 1400 वर्गमीटर तक इंक्रीमेंटल गणना का प्रावधान खत्म हो जायेगा। वहीं नगर पालिका, नगर पंचायतों में पुराने प्रावधान लागू होंगे।

जारी आदेश में बहुमंजिला फ्लैट, दुकानों को भी बड़ी राहत प्रदान की गई है। वहीं अब सुपर बिल्डअप एरिया के आधार पर गणना प्रावधान खत्म कर दिया गया है। साथ ही बिल्ड अप एरिया के आधार पर मूल्यांकन होगा।



सीएम साय ने कही थी विचार करने की बात
जमीन की नई गाइडलाइन दरों पर जारी सियासी घमासान के बीच सीएम विष्णुदेव साय ने कहा था कि, नई दरों को लेकर विभाग स्तर पर चर्चा होगी। उन्होंने साफ किया था कि यदि जनता पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा या खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया प्रभावित हुई तो सरकार इस निर्णय पर दोबारा विचार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। 

जिलों में गाइडलाइन मूल्य दोगुने तक बढ़े
कई जिलों में गाइडलाइन मूल्य दोगुने तक बढ़े हैं, जिसका विरोध किया जा रहा है। बढ़ते विरोध के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आश्वासन दिया है कि जनता को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नई दरों को लेकर विभाग स्तर पर चर्चा जारी है। उन्होंने साफ किया कि यदि जनता पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा या खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया प्रभावित हुई तो सरकार इस निर्णय पर दोबारा विचार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

राजनीतिक हलचल तेज
नई गाइडलाइन दरों के खिलाफ कई जगहों पर खुला विरोध शुरू हो चुका है, जिससे सरकार पर दबाव भी बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही इन दरों में संशोधन या राहत संबंधी कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है।

आठ साल से स्थिर थीं जमीन दरें
मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2017 के बाद से गाइडलाइन दरों में कोई संशोधन नहीं हुआ, जबकि नियमों के मुताबिक हर साल इनका अद्यतन होना जरूरी है। उन्होंने कहा, दरों में बढ़ोतरी के कई लाभ भी हैं, लेकिन वे अभी लोगों तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाए हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जनता को राहत देने के सभी विकल्प सरकार के स्तर पर गंभीरता से देखे जाएंगे।

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