कुलपति के खिलाफ उबला छत्तीसगढ़: छात्र संगठन, साहित्यकार व नागरिक मंच विरोध में

GGU में राष्ट्रीय परिसंवाद कार्यक्रम में हिन्दी साहित्यकार को अपमानित कर बाहर निकाले जाने को लेकर छात्र संगठन NSUI समेत नागरिक मंच व साहित्यकार सामने आ गए हैं।

Updated On 2026-01-10 10:09:00 IST

बिलासपुर। गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवसिटी में राष्ट्रीय परिसंवाद कार्यक्रम में हिन्दी साहित्यकार कथाकार मनोज रूपड़ा को अपमानित कर बाहर निकाले जाने के मामले को लेकर छात्र संगठन एनएसयूआई समेत नागरिक मंच व साहित्यकार सामने आ गए हैं। एनएसयूआई ने शुक्रवार को सेंट्रल यूनिवर्सिटी मेनगेट के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए कुलपति का पुतला फूंका, वहीं नागरिक मंच और साहित्यकारों ने जिला प्रशासन को कुलाधिपति राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर प्रो. आलोक चक्रवाल को कुलपति पद से हटाए जाने की मांग की है।

गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में साहित्य अकादमी नई दिल्ली एवं हिन्दी विभाग गुरु घासीदास यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में समकालीन हिन्दी कहानीः बदलते जीवन संदर्भपर राष्ट्रीय परिसंवाद कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल द्वारा साहित्यकार कथाकार मनोज रुपड़ा को अपमानित करते हुए कार्यक्रम से बाहर निकाले जाने के मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर कांग्रेस के विधायक अटल श्रीवास्तव ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर कुलपति को हटाने और उनके खिलाफ जांच की मांग की है। वहीं शुक्रवार को एनएसयूआई ने गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी मेनगेट के सामने विरोध प्रदर्शन करते हुए कुलपति प्रो. आलोक चक्रवाल का पुतला दहन किया।

भारतीय संस्कृति की अतिथि देवो भवः परंपरा का भी घोर उल्लंघन है
एनएसयूआई पदाधिकारियों ने बताया कि, यूनिवर्सिटी के हिन्दी विभाग द्वारा आयोजित साहित्यिक कार्यक्रम दौरान कुलपति द्वारा असहमति व्यक्त करने पर एक वरिष्ठ साहित्यकार को सार्वजनिक रूप से अपमानित कर कार्यक्रम से बाहर निकाल दिया गया। यह आचरण न केवल यूनिवर्सिटी की गरिमा के खिलाफ है बल्कि भारतीय संस्कृति की अतिथि देवो भवः परंपरा का भी घोर उल्लंघन है। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुलपति के कार्यकाल में यूनिवर्सिटी में लगातार शैक्षणिक अराजकता, प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं। छात्रों की सुरक्षा में चूक, फीस में निरंतर वृद्धि, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितता और छात्र अर्सलान अंसारी की मृत्यु जैसे प्रकरणों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

नागारिक मंच ने की भर्त्सना
नागरिक मंच बिलासपुर से जुड़े लोगों ने आज कलेक्टोरेट पहुंचकर कुलपति आलोक चक्रवाल के अमर्यादित आचरण को निंदा करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि साहित्य अकादमी तथा गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एकदिवसीय परिसंवाद में आमंत्रित साहित्यकार मनोज रूपड़ा के साथ अत्यंत निंदनीय व्यवहार करते हुए उन्हें कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया। यह कृत्य अक्षम्य है एवं बिलासपुर की परंपरा पर प्रहार है। हम सब नागरिक कुलपति के इस कृत्य की भर्त्सना करते हैं और उन्हें पद से मुक्त करने की मांग की है।

साहित्यकारों ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
इस मामले में आज बिलासपुर के साहित्यकार, लेखकों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर जिला प्रशासन को कुलाधिपति राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में समकालीन हिन्दी विषय पर आयोजित परिसंवाद कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथि कथालेखक मनोज रूपड़ा को कुलपति आलोक चक्रवाल द्वारा कार्यक्रम से अपमानपूर्वक चले जाने को कहा गया। आमंत्रित अतिथि को आयोजक द्वारा अपमानित किए जाने की घटना से देश के समूचे लेखकों और साहित्यकार संस्कृतिकर्मियों में रोष व्याप्त है। गुरु घासीदास जैसे शैक्षणिक संस्थान में अमर्यादित असंसदीय व्यवहार करने से कुलपति पद की गरिमा धूमिल हुई है। इसलिए राष्ट्रपति घटना का संज्ञान लेते कुलपति को बर्खास्त किए जाने की अनुशंसा करें।

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