बलौदाबाजार हिंसा मामले में बड़ी कार्रवाई: क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और दिनेश वर्मा गिरफ्तार, कोर्ट ने 13 जनवरी तक भेजा जेल
बलौदाबाजार हिंसा मामले में क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव गिरफ्तार, दिनेश वर्मा को कोर्ट ने 13 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
अजय यादव और दिनेश वर्मा को कोर्ट ने भेजा जेल
कुश अग्रवाल- बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में 10 जून वर्ष 2024 में हुई तोड़फोड़ एवं आगजनी की घटना के मामले में पुलिस ने छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव तथा जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सह सचिव दिनेश वर्मा उर्फ मंडल को गिरफ्तार किया है। न्यायालय ने 13 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
गिरफ्तारी के बाद किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए बलौदाबाजार सिटी कोतवाली व सिविल लाइन क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर डीएसपी और निरीक्षक स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ 100 से अधिक पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा, किसी भी उपद्रवी स्थिति से निपटने के लिए बलौदाबाजार SWT (स्पेशल वेपन टीम) को भी तैनात किया गया। दोनों आरोपियों को जिला बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा रायपुर से हिरासत में लेकर थाना सिटी कोतवाली के अपराध क्रमांक 378/2024 के तहत गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में अब तक कुल 198 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
क्रांति सेना ने लगाए यह आरोप
छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारियों ने गिरफ्तारी को राजनीतिक दबाव करार दिया है। उनका कहना है कि शासन उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है और संगठन के बढ़ते प्रभाव से घबराकर उनके पदाधिकारियों को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
एसपी ने दी मामले की जानकारी
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2024 में बलौदाबाजार में हुई आगजनी की घटना में इस संगठन से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका सामने आई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में मिले तथ्यों और संरचनात्मक साक्ष्यों के आधार पर ही गिरफ्तारी की गई है। कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस के आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत- वकील
आरोपियों के वकील ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि अजय यादव और दिनेश वर्मा पर डेढ़ साल से फरार रहने और अग्निकांड में शामिल होने का आरोप लगाया गया है, जबकि यह तथ्यात्मक रूप से गलत है। दोनों आरोपी लगातार छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं। आज भी उन्हें धरना स्थल से ही गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी की सूचना उनके परिजनों को विधिवत नहीं दी गई, केवल फोन के माध्यम से जानकारी दी गई। इस संबंध में लोअर कोर्ट में आवेदन लगाया गया है और 13 जनवरी के बाद विधिवत कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखा जाएगा।