अमित बघेल पर कसा पुलिस का शिकंजा: बलौदाबाजार आंदोलन को समर्थन देने संबंधी पत्र किया बरामद
बलौदाबाजार हिंसा और आगजनी के मामले में अमित बघेल पर पुलिस का शिकंजा अब कसता जा रहा है। इसके लिए पुलिस ने बघेल के कई ठिकानों पर दबिश दी है।
पुलिस की गिरफ्त में अमित बघेल
कुश अग्रवाल- बलौदा बाजार। बलौदा बाजार हिंसा और आगजनी प्रकरण में छत्तीसगढ़ क्रांति सेवा के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। इस मामले की जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने अमित बघेल के ठिकाने से उस पत्र की कापी जब्त कर ली है, जिसमें उन्होंने बलौदाबाजार आंदोलन को अपना समर्थन देने की बात लिखी थी।
लैटर टाइप करने वाले टाइपिस्ट को बनाया गवाह
साथ ही यह भी बताया जा रहा है कि, पुलिस ने अमित बघेल के लिए काम करने वाले टाइपिस्ट को भी बतौर गवाह अपने साथ ले गई। बताया जा रहा है कि, इसी टाइपिस्ट ने वह लैटर टाइप किया था, जिसमें समर्थन की बात कही गई है। उधर अमित बघेल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जांच का दायरा भी बढ़ा दिया है। गुरुवार शाम बलौदा बाजार पुलिस अमित बघेल को लेकर रायपुर पहुंची, जहां उनके निवास स्थल कंचनगंगा फेज 2 पर छापेमारी कर महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए।
मोबाइल फोन और कार जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अमित बघेल का मोबाइल फोन और एक चार पहिया वाहन जब्त किया है। इसके बाद पुलिस टीम रायपुर स्थित मैग्नेटो मॉल में मौजूद उनके कार्यालय पहुंची, जहां से कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए मोबाइल और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इन साक्ष्यों के आधार पर हिंसा मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
कट्रोल रूम में कउ़ी सुरक्षा के बीच रखा गया बघेल को
साक्ष्य एकत्र करने के बाद पुलिस अमित बघेल को वापस बलौदा बाजार लेकर आई। फिलहाल उन्हें पुलिस लाइन के आजाक थाना स्थित कंट्रोल रूम में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा गया है।