पटना गर्ल्स हॉस्टल कांड: ओवरडोज की थ्योरी पर उठे सवाल, पोस्टमार्टम में यौन हिंसा की आशंका

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की मौत को पहले दवा के ओवरडोज से जोड़ा गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका सामने आई है। जानें पूरा मामला।

Updated On 2026-01-16 14:13:00 IST

पटना गर्ल्स हॉस्टल कांड में नया खुलासा, ओवरडोज की थ्योरी पर उठे सवाल, पोस्टमार्टम में यौन हिंसा की आशंका

Patna girls hostel case: पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही जहानाबाद की छात्रा की रहस्यमयी मौत ने पूरे बिहार को झकझोर कर रख दिया है। जिस मामले को शुरुआत में पटना पुलिस ने दवा के ओवरडोज से हुई सामान्य मौत बताने की कोशिश की थी, वही केस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद एक गंभीर आपराधिक जांच की ओर बढ़ता दिख रहा है। पोस्टमार्टम के शुरुआती निष्कर्षों में यौन हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया गया है, जिसके बाद पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली पूरी तस्वीर

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के शुरुआती निष्कर्ष सामने आने के बाद मामला पूरी तरह पलट गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पोस्टमार्टम में यौन हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया गया है, जिससे पुलिस की शुरुआती थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

परिजनों के आरोपों को मिला बल

छात्रा के परिजन पहले दिन से ही इस मौत को दुष्कर्म के बाद हत्या बता रहे थे। पोस्टमार्टम से जुड़ी जानकारियों के सामने आने के बाद परिजनों के आरोपों को मजबूती मिली है। उनका कहना है कि शुरुआत में मामले को दबाने की कोशिश की गई।

सोशल मीडिया से सड़क तक आक्रोश

पोस्टमार्टम रिपोर्ट की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर पटना पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे। जहानाबाद समेत कई जिलों में लोगों ने न्याय की मांग शुरू कर दी। छात्र संगठनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

पहले नकारा, अब घिरे सवालों में पुलिस

पहले पटना पुलिस ने साफ तौर पर दुष्कर्म की आशंका से इनकार किया था। यहां तक कहा गया कि छात्रा की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री में नींद की दवाओं से जुड़े शब्द मिले हैं। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की संभावना सामने आने के बाद पुलिस के इन बयानों पर विश्वसनीयता का संकट खड़ा हो गया है।

दबाव बढ़ा तो हुई गिरफ्तारी

जनदबाव बढ़ने के बाद पुलिस ने शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही कई अन्य लोगों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तारी की खबर के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए।

पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल

परिजनों और सामाजिक संगठनों की मांग है कि सिर्फ आरोपियों पर ही नहीं, बल्कि मामले को गलत दिशा देने वाले पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो। उनका कहना है कि शुरुआती जांच में लापरवाही और सच्चाई छिपाने की कोशिश की गई।

सरकार के लिए बढ़ती चुनौती

यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं रह गया है, बल्कि बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक उठ रही आवाजें इस केस को जल्द और निष्पक्ष न्याय की मांग के केंद्र में ले आई हैं।

Tags:    

Similar News

मुजफ्फरपुर में दिल दहला देने वाली घटना: नदी किनारे मिले मां और तीन बच्चों के शव, जांच में जुटी पुलिस