बिहार में CO-RO हड़ताल पर: अंचलों में कामकाज ठप; विजय सिन्हा बोले– इलाज शुरू हुआ है, दवा कड़वी लगेगी
बिहार में अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारियों की हड़ताल पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्री विजय सिन्हा ने कहा— इलाज में दवा कड़वी होती है। नो वर्क नो पे समेत कई बड़े फैसले लिए गए।
बिहार में CO-RO की हड़ताल पर मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सख्ती जरूरी है। (फाइल फोटो)
Vijay Sinha on Bihar CO RO strike: बिहार में सभी अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व पदाधिकारी (RO) अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के एक अहम फैसले के विरोध में अधिकारी राजस्व सेवा संघ के बैनर तले पटना में प्रदर्शन कर रहे हैं। इसका सीधा असर यह हुआ कि राज्य के अधिकांश अंचलों में जमीन से जुड़े काम पूरी तरह ठप हो गए हैं।
सरकार का सख्त ऐक्शन, नो वर्क नो पे लागू
हड़ताल को लेकर विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। प्रधान सचिव की ओर से आदेश जारी कर सभी हड़ताली अधिकारियों को सरकारी वाहन, डोंगल और अभिलेख कक्ष की चाभी लौटाने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट कर दिया गया है कि हड़ताल की अवधि में काम नहीं करने पर वेतन नहीं मिलेगा।
सीनियर राजस्व कर्मचारी संभालेंगे जिम्मेदारी
विभागीय आदेश के मुताबिक, हर अंचल में सबसे वरिष्ठ राजस्व कर्मचारी को प्रभारी अंचलाधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि न्यूनतम स्तर पर कामकाज चलता रहे और आम लोगों को पूरी तरह परेशानी न हो।
विजय सिन्हा का तीखा बयान
डिप्टी सीएम सह भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब किसी बीमारी का इलाज शुरू होता है, तो दवा कड़वी लगती है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
नए पद सृजन से बढ़ा विवाद
दरअसल, सरकार अनुमंडलीय राजस्व पदाधिकारी के नए पद सृजन पर विचार कर रही है। इसी फैसले को लेकर CO-RO नाराज हैं। उनका कहना है कि इससे प्रमोशन की पारंपरिक व्यवस्था प्रभावित होगी और डीसीएलआर बनने का रास्ता कठिन हो जाएगा।
आदेश वापसी तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
हड़ताल पर गए अधिकारियों ने साफ कहा है कि जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका मानना है कि यह कदम उनके करियर और प्रशासनिक संरचना दोनों के लिए नुकसानदायक है।