महाराष्ट्र में 'पवार' विरासत की नई कमान: सुनेत्रा पवार कल शाम 5 बजे लेंगी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ; आबकारी और खेल मंत्रालय की मिल सकती है जिम्मेदारी
पार्टी ने उन्हें विधायक दल का नेता चुनने का निर्णय लिया है, जिसे मुख्यमंत्री फडणवीस की भी मंजूरी मिल गई है।
अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की नई उपमुख्यमंत्री होंगी। वे कल शाम 5 बजे शपथ लेंगी।
मुंबई: महाराष्ट्र की महायुति सरकार में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद उपजे राजनीतिक शून्य को भरने के लिए राकांपा (NCP) ने सुनेत्रा पवार को आगे किया है।
खबरों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है और वे शनिवार को शाम 5 बजे राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी। इस फैसले को पार्टी की एकजुटता बनाए रखने और आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम माना जा रहा है।
अजित पवार के निधन के बाद उत्तराधिकार का फैसला
28 जनवरी को एक विमान हादसे में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के दुखद निधन के बाद से ही उनके उत्तराधिकारी को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। पार्टी के भीतर और कार्यकर्ताओं की ओर से 'सुनेत्रा वाहिनी' को जिम्मेदारी देने की पुरजोर मांग उठ रही थी।
एनसीपी नेता छगन भुजबल ने पुष्टि की है कि शनिवार को विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें सुनेत्रा पवार को आधिकारिक तौर पर नेता चुना जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस नियुक्ति पर अपनी सहमति दे दी है।
मंत्रालयों का आवंटन: आबकारी और खेल विभाग सुनेत्रा के पास, वित्त मंत्रालय फडणवीस संभालेंगे
सूत्रों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ सुनेत्रा पवार को उन विभागों की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी जो पहले अजित पवार के पास थे, हालांकि कुछ बड़े बदलाव संभव हैं। बताया जा रहा है कि सुनेत्रा पवार आबकारी और खेल मंत्रालय संभालेंगी।
वहीं, महत्वपूर्ण वित्त मंत्रालय का प्रभार फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपने पास रख सकते हैं, क्योंकि जल्द ही बजट सत्र भी शुरू होने वाला है।
राज्यसभा सांसद से उपमुख्यमंत्री तक का सफर
सुनेत्रा पवार वर्तमान में राज्यसभा की सदस्य हैं। वह लंबे समय से बारामती और महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय रही हैं, लेकिन उन्होंने मुख्यधारा की चुनावी राजनीति में अपनी पकड़ हाल के वर्षों में मजबूत की है।
2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती सीट से चुनाव लड़ने के बाद वे राज्यसभा भेजी गई थीं। अब राज्य सरकार में सीधे तौर पर नंबर 2 की भूमिका में आना उनके राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा मोड़ है।
पवार परिवार और एनसीपी के दोनों गुटों में विलय की चर्चा
अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़ी चर्चा जोर पकड़ रही है—एनसीपी के दोनों गुटों (शरद पवार गुट और अजित पवार गुट) का विलय। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि इस कठिन समय में बिखरे हुए कुनबे को एक होना चाहिए।
जयंत पाटील जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी सुनेत्रा पवार से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि सुनेत्रा पवार की नियुक्ति इस संभावित विलय की दिशा में एक 'पुल' का काम कर सकती है।