शरद पवार का बड़ा खुलासा: बोले- अजित NCP विलय के पक्ष में थे, 12 फरवरी को होना था ऐलान; सुनेत्रा शाम को लेंगी डिप्टी CM की शपथ

शरद पवार ने किया खुलासा किया है कि अजित पवार दोनों NCP में विलय चाहते थे। 12 फरवरी को ऐलान होना तय था। इधर, आज सुनेत्रा पवार शाम को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी।

Updated On 2026-01-31 14:31:00 IST

जानकारों का मानना है कि सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण और शरद पवार का विलय वाला बयान एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के संस्थापक शरद पवार ने खुलासा किया है कि उनके भतीजे और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार दोनों गुटों के विलय के पक्ष में थे।

बारामती स्थित आवास 'गोविंदबाग' पर पार्टी नेताओं के साथ जारी बैठक के बीच शरद पवार ने कहा कि विलय की सारी तैयारी पूरी हो चुकी थी और इसका आधिकारिक ऐलान 12 फरवरी को किया जाना था।

इस भावनात्मक बयान के बीच मुंबई में सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण की तैयारियां भी जोरों पर हैं।


​शरद पवार का बड़ा बयान: 'अजित के मन में कोई कड़वाहट नहीं थी'

​दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, शरद पवार ने बारामती में भावुक होते हुए कहा कि अजित पवार पिछले काफी समय से इस कोशिश में थे कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का कुनबा फिर से एक हो जाए।

पवार ने बताया, "अजित चाहते थे कि दोनों एनसीपी का विलय हो जाए। हमने सब कुछ तय कर लिया था और 12 फरवरी की तारीख भी मुकर्रर थी। दुर्भाग्यवश, नियति को कुछ और ही मंजूर था।" इस बयान के बाद अब यह साफ हो गया है कि पर्दे के पीछे दोनों गुटों के बीच सुलह की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी।

​बारामती में 'गोविंदबाग' पर मंथन: विलय की प्रक्रिया होगी तेज

बारामती में शरद पवार के आवास पर एनसीपी (SP) के वरिष्ठ नेताओं और अजित पवार गुट के कुछ विधायकों की बैठक जारी है। जयंत पाटील, सुप्रिया सुले और अन्य दिग्गजों की मौजूदगी में इस बात पर चर्चा हो रही है कि क्या अजित पवार की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए विलय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।

सूत्रों का कहना है कि अजित पवार के साथ गए कई विधायक अब शरद पवार के नेतृत्व में वापस आने को तैयार हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकता है।

​मुंबई में राजभवन तैयार: सुनेत्रा पवार आज शाम 5 बजे लेंगी शपथ

​भले ही बारामती में विलय की चर्चा चल रही हो, लेकिन प्रशासनिक रूप से सरकार चलाने के लिए उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति अनिवार्य है। सुनेत्रा पवार आज शाम 5 बजे राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगी।

पार्टी ने सर्वसम्मति से उन्हें विधायक दल का नेता चुना है। सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना न केवल पवार परिवार की एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है, बल्कि इसे अजित पवार के समर्थकों को बांधे रखने की एक रणनीतिक कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।

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​पवार परिवार में एकजुटता और भविष्य के संकेत

​अजित पवार के दुखद निधन ने पवार परिवार को एक बार फिर करीब ला दिया है। शरद पवार ने संकेत दिए हैं कि राजनीति अपनी जगह है, लेकिन परिवार और पार्टी की मजबूती सर्वोपरि है।

जानकारों का मानना है कि सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण और शरद पवार का विलय वाला बयान एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। मुमकिन है कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में अजित गुट का शरद पवार की मूल पार्टी में विलय पूरा हो जाए, जैसा कि अजित पवार खुद चाहते थे। 

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