पटना से ग्लोबल बिजनेस तक का सफर: बांगुर परिवार के दामाद और वेदांता के वारिस अग्निवेश अग्रवाल की जीवन यात्रा
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। न्यूयॉर्क में स्कीइंग हादसे के बाद उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया।
अग्निवेश की शादी पूजा बांगुर से हुआ था, जो पश्चिम बंगाल के प्रतिष्ठित कारोबारी 'बांगुर परिवार' से ताल्लुक रखती हैं।
नई दिल्ली : वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के बेटे अग्निवेश अग्रवाल का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। यह दुखद घटना 7 जनवरी 2026 को हुई जब अमेरिका में एक स्कीइंग हादसे के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी स्थिति में सुधार हो रहा था, लेकिन अचानक कार्डियक अरेस्ट आने की वजह से उनका निधन हो गया।
उनके पिता अनिल अग्रवाल ने इस खबर को साझा करते हुए इसे अपने जीवन का सबसे कठिन समय और सबसे काला दिन बताया है।
पटना से मेयो कॉलेज तक का शुरुआती सफर
अग्निवेश अग्रवाल का जन्म 3 जून 1976 को बिहार की राजधानी पटना में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा और परवरिश सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रही, जिसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए राजस्थान चले गए।
उन्होंने अजमेर के विश्व प्रसिद्ध मेयो कॉलेज से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की थी। पटना से निकलकर अजमेर के प्रतिष्ठित संस्थान तक का उनका यह सफर उनके व्यक्तित्व के निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण रहा, जिसने उन्हें भविष्य की व्यापारिक चुनौतियों के लिए तैयार किया।
वेदांता समूह में रणनीतिक भूमिका और करियर
अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अग्निवेश अग्रवाल ने वेदांता ग्रुप में प्रवेश किया और समूह की कई प्रमुख कंपनियों में नेतृत्व की भूमिका निभाई।
उन्होंने हिंदुस्तान जिंक के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में कार्य करते हुए कंपनी के परिचालन में अहम योगदान दिया। साल 2019 में इस पद को छोड़ने के बाद, वे वेदांता की अन्य महत्वपूर्ण इकाई 'तलवंडी साबो पावर लिमिटेड' (TSPL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हुए।
इसके अलावा उन्होंने ट्विन स्टार इंटरनेशनल लिमिटेड और स्टरलाइट डिस्प्ले टेक जैसी सहायक कंपनियों में भी निदेशक के रूप में काम किया, जिससे वेदांता के विविधीकरण को मजबूती मिली।
फुजैराह गोल्ड की स्थापना और उद्यमिता
अग्निवेश अग्रवाल केवल अपने पारिवारिक व्यवसाय तक ही सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने अपनी उद्यमशीलता का परिचय देते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में 'फुजैराह गोल्ड FZC' की स्थापना की। यह एक प्रमुख मेटल रिफाइनिंग कंपनी है जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करती है।
उनके इस प्रयास की सराहना उनके पिता अनिल अग्रवाल ने भी की है। अनिल अग्रवाल के अनुसार, अग्निवेश ने शून्य से इस कंपनी को खड़ा किया और व्यापार जगत में अपने लिए एक अलग पहचान बनाई। वे काम करने वाले सहयोगियों और दोस्तों के बीच बेहद सम्मानित थे।
प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों से पारिवारिक जुड़ाव
अग्निवेश अग्रवाल का विवाह पूजा बांगुर से हुआ था, जो पश्चिम बंगाल के सबसे संपन्न और प्रतिष्ठित कारोबारी घराने 'बांगुर परिवार' से ताल्लुक रखती हैं। पूजा बांगुर श्री सीमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर हरि मोहन बांगुर की बेटी हैं।
उनके दादा ससुर बेनु गोपाल बांगुर भारत के सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में शामिल रहे हैं, जिनकी नेटवर्थ 6.7 अरब डॉलर लगभग 55,000 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
इस प्रकार अग्निवेश का संबंध देश के दो सबसे बड़े औद्योगिक साम्राज्यों से रहा, जिन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अनिल अग्रवाल का अपने बेटे के प्रति भावनात्मक लगाव
अनिल अग्रवाल के लिए अग्निवेश केवल एक पुत्र नहीं थे, बल्कि वे उनके सबसे करीबी मित्र और गौरव का प्रतीक थे। अनिल अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि अग्निवेश उनकी पूरी दुनिया थे और एक पिता के लिए जवान बेटे को खोना सबसे बड़ा दुख है।
उन्होंने अपने बेटे के उन सपनों का भी जिक्र किया जो वह भारत को आत्मनिर्भर बनाने और समाज सेवा के क्षेत्र में देखते थे। अग्निवेश बच्चों की शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे सामाजिक कार्यों के प्रति बेहद संवेदनशील और समर्पित थे।