विवाद के बाद हटाया गया 'घूसखोर पंडत' का प्रमोशल कंटेंट: डायरेक्टर नीरज पांडे और मनोज बाजपेयी ने दी सफाई
नेटफ्लिक्स पर आने वाली मनोज बाजपेयी की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर विवाद घिर गया है। लखनऊ में FIR दर्ज होने के बाद अब निर्देशक नीरज पांडे ने इस पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ी है।
मनोज बाजपेयी की आगामी फिल्म 'घुसखोर पंडत' पर विवाद के बाद एफआईआर दर्ज की गई।
Ghooskhor Pandat Controversy: मनोज बाजपेयी स्टाारर आगामी फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर विवाद छिड़ गया है। नेटफ्लिक्स पर इस साल रिलीज़ होने वाली इस फिल्म को लेकर ब्राह्मण समाज ने आपत्ति जताई है। इसके चलते लखनऊ में फिल्म के मेकर्स के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज हुई। अब इस पूरे मामले पर फिल्म के डायरेक्टर ने अपना बयान जारी करते हुए माफी मांगी है। साथ ही विवाद बढ़ने के बाद फिल्म का प्रमोशनल कंटेंट भी नेटफ्लिक्स से हटाने का फैसला लिया है।
डायरेक्टर निर्देशक नीरज पांडे का बयान
विवाद बढ़ने के बाद फिल्म के निर्देशक नीरज पांडे ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा,
“हमारी फिल्म एक काल्पनिक पुलिस ड्रामा है, और 'पंडित' शब्द का प्रयोग केवल एक काल्पनिक पात्र के बोलचाल के नाम के रूप में किया गया है। कहानी एक व्यक्ति के कार्यों और विकल्पों पर केंद्रित है और किसी भी जाति, धर्म या समुदाय पर टिप्पणी या प्रतिनिधित्व नहीं करती है। एक फिल्म निर्माता के रूप में, मैं अपने काम को गहरी जिम्मेदारी की भावना के साथ करता हूं - ऐसी कहानियां सुनाने की जो विचारशील और सम्मानजनक हों।”
उन्होंने आगे लिखा- "हम समझते हैं कि फिल्म के शीर्षक से कुछ दर्शकों को ठेस पहुंची है, और हम उन भावनाओं को समझते हैं। इन चिंताओं को देखते हुए, हमने फिलहाल सभी प्रचार सामग्री हटाने का फैसला किया है, क्योंकि हमारा मानना है कि फिल्म को पूरी तरह से देखा जाना चाहिए और इसे उस कहानी के संदर्भ में समझा जाना चाहिए जिसे हम बताना चाहते हैं, न कि आंशिक झलक के आधार पर। मैं जल्द ही दर्शकों के साथ फिल्म साझा करने के लिए उत्सुक हूं।"
मनोज बाजपेयी ने मांगी माफी
मनोज बाजपेयी ने नीरज पांडे का पोस्ट शेयर करते हुए एक्स पर लिखा- “लोगों ने जो भावनाएं और चिंताएं व्यक्त की हैं, मैं उनका सम्मान करता हूं और उन्हें गंभीरता से लेता हूं। जब आप जिस चीज़ का हिस्सा होते हैं, उससे कुछ लोगों को ठेस पहुंचती है, तो आप रुककर उनकी बात सुनने के लिए मजबूर हो जाते हैं। एक अभिनेता के रूप में, मैं किसी फिल्म में उस किरदार और कहानी के माध्यम से आता हूं जिसे मैं निभा रहा हूं। मेरे लिए, यह एक त्रुटिपूर्ण व्यक्ति और उसकी आत्म-साक्षात्कार की यात्रा को चित्रित करने के बारे में था। इसका उद्देश्य किसी भी समुदाय के बारे में कोई टिप्पणी करना नहीं था।”
नीरज पांडे के साथ काम करने के अपने अनुभव में, मैंने देखा है कि वे अपनी फिल्मों के प्रति हमेशा गंभीरता और सावधानी बरतते हैं। जनता की भावनाओं को देखते हुए फिल्म निर्माताओं ने प्रचार सामग्री को हटाने का निर्णय लिया है। यह इस बात को दर्शाता है कि चिंताओं को कितनी गंभीरता से लिया जा रहा है।
लखनऊ में FIR दर्ज
फिल्म के शीर्षक और कथित कंटेंट को लेकर लखनऊ के हजरतगंज थाने में शुक्रवार, 6 फरवरी को फिल्म निर्माताओं के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि फिल्म का नाम और प्रस्तावित सामग्री धार्मिक और जातिगत भावनाओं को आहत करती है तथा सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकती है।