Railway New Rules: रेलवे के नियमों में बड़ा बदलाव; जहां से लिया टिकट वहीं से करनी होगी बोर्डिंग, वरना होगा नुकसान
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए नए नियम जारी किए हैं। अगर कंफर्म टिकट वाले यात्री बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन पर नहीं बैठे तो सीट वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर को अलॉट कर दी जाएगी।
भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए निए नियम जारी किए हैं।
Railway New Rules: भारतीय रेलवे जल्द ही बोर्डिंग नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसका सीधा असर करोड़ों यात्रियों पर पड़ेगा। नए नियम लागू होने के बाद अगर आप तय बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन पर नहीं बैठे तो टीटीई अगले स्टॉप तक आपका इंतजार नहीं करेगा।
बोर्डिंग स्टेशन के बाद अगर सीट में यात्री नहीं मिला, तो नए नियमों के तहत सीट को खाली माना लिया जाएगा। ऐसे में टीटीई अपने हैंडहेल्ड डिवाइस पर नॉट टर्न अप की एंट्री करेगा और फिर आपकी सीट किसी दूसरी जरूरतमंद यात्री को दे दी जाएगी।
आरएसी और वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को होगा फायदा
रेलवे के नए नियम लागू होने के बाद इसका सीधा फायदा वेटिंग लिस्ट और आरएसी टिकट वाले यात्रियों को होगा। जैसे ही टीटीई सीट की एंट्री नॉट टर्न अप में करेगा वैसे ही रेलवे का नया सिस्टम वेटिंग और आरएसी वालों पैसेंजर को सीट अलॉट कर देगा।
रेल मंत्रालय का कहना है कि इस नई प्रणाली के लागू करने के लिए CRIS को निर्देश जारी कर दिए गए है। इससे ट्रेन में खाली रहने वाली सीटों का मैनेजमेंट बेहतर होगा।
24 घंटे पहले बदल सकते है बोर्डिंग स्टेशन
अगर आप किसी भी कारण के चलते अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलना चाहते हैं, तो चार्ट बनने से 24 घंटे पहले बोर्डिंग स्टेशन में बदलाव कर सकते हैं। लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करते हैं और दूसरे स्टेशन से ट्रेन में बैठते हैं तो शायद तब तक आपकी सीट किसी दूसरे व्यक्ति को अलॉट की जा सकती है। टीटीई अगले स्टेशन तक आपका इंतजार नहीं करेगा।
5 से 6 फीसदी यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है
आंकड़ों के अनुसार हर एक ट्रेन में 6 फीसदी तक यात्री ऐसे होते हैं जो समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाते या टिकट कैंसिल कर देते हैं। रेलवे के अनुसार नए नियम लागू होने के बाद से यात्री टिकट करते वक्त ज्यादा सावधान रहेंगे। ये नियम डिजिटलाइजेशन की दिशा में एक बड़ा कदम है।