1 फरवरी से महंगी होगी सिगरेट: नई एक्साइज ड्यूटी से तंबाकू शेयर धड़ाम, ITC 6% और गॉडफ्रे फिलिप्स 10% टूटे

1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू होने जा रही है, जिससे सिगरेट महंगी होगी। सरकार के फैसले के बाद शेयर बाजार में तंबाकू कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है। ITC करीब 6% टूटा जबकि गॉडफ्रे फिलिप्स में 10% तक की गिरावट दर्ज की गई। पूरी खबर पढ़ें।

Updated On 2026-01-01 12:09:00 IST

1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू होने जा रही है, जिससे सिगरेट महंगी होगी।

Cigarette excise duty: सरकार द्वारा सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर नई एक्साइज ड्यूटी लगाने के फैसले का सीधा असर शेयर बाजार में देखने को मिला है। इस घोषणा के बाद देश की प्रमुख तंबाकू कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली हुई। गुरुवार सुबह के कारोबार में आईटीसी के शेयर 6 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर लगभग 378 रुपए के स्तर पर आ गए, जिससे यह निफ्टी 50 के सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल हो गया। वहीं, गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में और भी ज्यादा दबाव दिखा और इसमें करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दरअसल, संसद ने दिसंबर में सेंट्रल एक्साइज (संशोधन) विधेयक, 2025 को मंजूरी दी थी, जिसके बाद सरकार को सिगरेट और तंबाकू उत्पादों पर नई ड्यूटी लगाने का रास्ता साफ हो गया। यह नई व्यवस्था पहले से लागू अस्थायी सेस की जगह लेगी।

तंबाकू कंपनियों के शेयरों पर बढ़ा दबाव

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 1 फरवरी से सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1,000 सिगरेट पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक की एक्साइज ड्यूटी लागू होगी। यह ड्यूटी पहले से लागू 40 प्रतिशत जीएसटी के अतिरिक्त होगी। इस फैसले का मतलब यह है कि सिगरेट पर कुल कर बोझ और बढ़ जाएगा। फिलहाल भारत में सिगरेट की खुदरा कीमत का करीब 53 प्रतिशत हिस्सा टैक्स के रूप में जाता है, जिसमें 28 प्रतिशत जीएसटी और अतिरिक्त वैल्यू आधारित लेवी शामिल है। यह स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन के 75 प्रतिशत के मानक से अभी भी कम है, लेकिन सरकार का यह कदम तंबाकू खपत को हतोत्साहित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। हालांकि, शेयर बाजार के नजरिए से देखें तो इससे तंबाकू कंपनियों की लागत और मुनाफे पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

नई एक्साइज ड्यूटी से बढ़ जाएगी कीमत

विश्लेषकों के मुताबिक, नई एक्साइज ड्यूटी के चलते 75 से 85 मिमी लंबाई वाली सिगरेट की कुल लागत में 22 से 28 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। आईटीसी के कुल सिगरेट वॉल्यूम में 75 मिमी से लंबी सिगरेट का हिस्सा करीब 16 प्रतिशत है, जिनकी कीमत प्रति सिगरेट 2 से 3 रुपये तक बढ़ सकती है। इससे मांग पर असर पड़ने और बिक्री घटने की संभावना से निवेशक सतर्क हो गए हैं। शेयरों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो आईटीसी के शेयर पिछले पांच दिनों में करीब 6 प्रतिशत और छह महीनों में 8 प्रतिशत से ज्यादा टूट चुके हैं। वहीं, गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में भी हालिया दिनों में कमजोरी दिखी है, हालांकि साल 2025 में इस शेयर ने अब तक मजबूत तेजी दिखाई थी। कुल मिलाकर, नई एक्साइज ड्यूटी का मतलब यह है कि सरकार के स्वास्थ्य और राजस्व लक्ष्यों के चलते तंबाकू कंपनियों के सामने कारोबारी चुनौतियां बढ़ सकती हैं, और इसी आशंका ने बाजार में इन शेयरों पर दबाव बना दिया है।

(एपी सिंह की रिपोर्ट)

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