Mileage Testing: नई कार खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर, अब AC ऑन के साथ होगा माइलेज टेस्ट

भारत में अक्टूबर 2026 से M1 कैटेगरी की सभी कारों का माइलेज टेस्ट AC ऑन और AC ऑफ दोनों स्थितियों में होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।

Updated On 2026-01-24 11:19:00 IST

 AC ऑन के साथ होगा माइलेज टेस्ट

Mileage Testing: जब भी कोई ग्राहक नई कार खरीदने जाता है, तो सबसे पहला सवाल माइलेज को लेकर होता है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि कंपनियों द्वारा बताए गए माइलेज आंकड़े रोजमर्रा की ड्राइविंग से मेल नहीं खाते। खासतौर पर इसलिए, क्योंकि मौजूदा माइलेज टेस्टिंग AC बंद (AC-off) स्थिति में की जाती है, जबकि असल जिंदगी में ज्यादातर लोग AC ऑन करके ही कार चलाते हैं। इसी अंतर को कम करने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है।

क्या है नया प्रस्ताव?

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 से भारत में बनने या इम्पोर्ट होने वाली M1 कैटेगरी की सभी पैसेंजर कारों का माइलेज टेस्ट AC ऑन और AC ऑफ—दोनों स्थितियों में किया जा सकता है। यह टेस्टिंग नए AIS-213 मानक के तहत होगी, जिसमें AC से इंजन पर पड़ने वाले अतिरिक्त लोड को शामिल किया जाएगा।

M1 कैटेगरी में कौन सी गाड़ियां?

M1 कैटेगरी में ड्राइवर समेत अधिकतम 8 यात्रियों वाली सभी पैसेंजर कारें आती हैं। इसमें हैचबैक, सेडान, SUV, MPV और क्रॉसओवर शामिल हैं। यानी भारत में बिकने वाली ज्यादातर आम कारें इसी श्रेणी में आती हैं।

अभी माइलेज कैसे तय होता है?

फिलहाल कंपनियां माइलेज का दावा AC बंद करके किए गए टेस्ट के आधार पर करती हैं। यही वजह है कि कागज पर बताए गए माइलेज और सड़क पर मिलने वाले माइलेज में फर्क नजर आता है।

सरकार यह बदलाव क्यों ला रही है?

सरकार का उद्देश्य ग्राहकों को ज्यादा रियल-वर्ल्ड माइलेज आंकड़े देना है। चूंकि भारत में AC का इस्तेमाल आम है, इसलिए उसका असर फ्यूल कंजम्प्शन पर दिखना चाहिए।

कार कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा?

नियम लागू होने पर कंपनियों को AC-on और AC-off दोनों माइलेज फिगर्स बताने होंगे। यह जानकारी ओनर मैनुअल और कंपनी की वेबसाइट पर सार्वजनिक करनी होगी।

अभी नियम की स्थिति

यह प्रस्ताव फिलहाल ड्राफ्ट स्टेज में है। सरकार ने 30 दिन तक सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। अंतिम फैसला इसके बाद लिया जाएगा। अगर यह नियम लागू होता है, तो कार खरीदने वालों को ज्यादा पारदर्शी और व्यवहारिक माइलेज जानकारी मिलेगी, जिससे सही कार चुनना आसान हो जाएगा।

(मंजू कुमारी)

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