Greenland विवाद: अमेरिका ने ग्रीनलैंड के Pituffik बेस पर तैनात किया NORAD विमान, ट्रंप की धमकी से बढ़ा तनाव

Greenland को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने Pituffik स्पेस बेस पर NORAD विमान तैनात किया। (फाइल फोटो)
Trump Greenland threat: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है। नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (NORAD) ने घोषणा की है कि वह ग्रीनलैंड स्थित Pituffik स्पेस बेस पर अपना एक विमान तैनात करेगा। यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड को हासिल करने की अपनी मंशा खुलकर जता चुके हैं।
NORAD ने क्या कहा?
NORAD की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह तैनाती पहले से तय सैन्य गतिविधियों का हिस्सा है। NORAD के मुताबिक, अमेरिका, कनाडा और डेनमार्क के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी के तहत यह कदम उठाया गया है।
North American Aerospace Defense Command (NORAD) aircraft will soon arrive at Pituffik Space Base, Greenland. Along with aircraft operating from bases in the continental United States and Canada, they will support various long-planned NORAD activities, building on the enduring…
— North American Aerospace Defense Command (@NORADCommand) January 19, 2026
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी गतिविधियां डेनमार्क सरकार और ग्रीनलैंड प्रशासन की जानकारी और सहमति से की जा रही हैं।
आर्कटिक में बढ़ रही अंतरराष्ट्रीय हलचल
आर्कटिक क्षेत्र में सैन्य हलचल लगातार तेज होती जा रही है। हाल ही में डेनमार्क की अगुवाई में एक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास शुरू किया गया, जिसमें जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन, नॉर्वे, फिनलैंड और नीदरलैंड्स जैसे देशों के सैनिक शामिल हुए हैं।
इस अभ्यास का उद्देश्य आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि डेनमार्क ने इस सैन्य अभ्यास में अमेरिका को भी शामिल होने का निमंत्रण दिया था।
ट्रंप की धमकी: टैरिफ या ग्रीनलैंड
ग्रीनलैंड को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप का रुख लगातार सख्त होता जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया है कि अगर डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देश ग्रीनलैंड को लेकर बातचीत के लिए तैयार नहीं होते, तो अमेरिका भारी टैरिफ लगा सकता है।
ट्रंप ने फरवरी 2026 से 10 प्रतिशत और जून 2026 से 25 प्रतिशत तक आयात शुल्क बढ़ाने की चेतावनी दी है। उनका दावा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है, क्योंकि इस क्षेत्र में चीन और रूस की दिलचस्पी बढ़ रही है।
राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क
ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ने वर्षों तक यूरोप की सुरक्षा में भूमिका निभाई है और अब वक्त आ गया है कि डेनमार्क ग्रीनलैंड को लेकर “सही फैसला” करे। इस बयान के बाद यूरोपीय देशों में चिंता बढ़ गई है और आर्कटिक क्षेत्र एक बार फिर वैश्विक राजनीति का केंद्र बन गया है।
