क्या सच हो रही है बाबा वेंगा की भविष्यवाणी: ड्रग्स, तेल और तख्तापलट की वह कहानी जिसने दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध की दहलीज पर खड़ा किया

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे 'ग्लोबल डिसऑर्डर' पैदा हो गया है, जहा परमाणु शक्तियां आमने-सामने आ सकती हैं।
नई दिल्ली : अमेरिकी सेना ने 3 जनवरी 2026 की रात को वेनेजुएला की राजधानी कराकास पर एक बड़ा और साहसिक सैन्य हमला किया, जिसे 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' का नाम दिया गया है।
इस ऑपरेशन के तहत न केवल वेनेजुएला के सैन्य बुनियादी ढांचे को तबाह किया गया, बल्कि राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को उनके ही सुरक्षित किले से गिरफ्तार कर सीधे न्यूयॉर्क ले जाया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस मिशन को अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य जीत घोषित करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अब वेनेजुएला का भविष्य वॉशिंगटन से तय होगा।
आधी रात का सैन्य ऑपरेशन और कराकास में तबाही
अमेरिकी वायुसेना के 150 से अधिक लड़ाकू विमानों ने रात के 2 बजे कराकास के आसमान को धमाकों से दहला दिया। इस हमले का मुख्य उद्देश्य वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य संचार को पूरी तरह पंगु बनाना था।
'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' के तहत ला कार्लोटा एयरबेस और फोर्ट ट्यूना सैन्य प्रतिष्ठान पर सटीक निशाना लगाया गया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 40 लोगों की मौत हुई है और पूरा शहर घंटों तक अंधेरे में डूबा रहा।
वेनेजुएला के रक्षा मंत्रालय ने इसे एक 'कायराना हमला' बताते हुए देश में आपातकाल की घोषणा कर दी, लेकिन अमेरिकी तकनीकी श्रेष्ठता के सामने वेनेजुएला की सैन्य शक्ति ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
डेल्टा फोर्स की सर्जिकल स्ट्राइक और बेडरूम से गिरफ्तारी
हवाई हमलों के तुरंत बाद, अमेरिकी सेना की एलीट 'डेल्टा फोर्स' के कमांडो ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टरों के जरिए सीधे राष्ट्रपति भवन के परिसर में उतरे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलासा किया कि मादुरो एक हाई-सिक्योरिटी 'सेफ रूम' में छिपने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन अमेरिकी कमांडो ने उन्हें मौका नहीं दिया। सैनिकों के पास भारी 'ब्लोटॉर्च' मौजूद थे, ताकि किसी भी स्टील की दीवार या दरवाजे को काटा जा सके।
अंततः मादुरो और उनकी पत्नी को उनके बेडरूम से हिरासत में लिया गया। उन्हें पहले एक अमेरिकी युद्धपोत पर ले जाया गया और वहां से विशेष विमान के जरिए न्यूयॉर्क के स्टुअर्ट एयर नेशनल गार्ड बेस लाया गया।
ट्रंप का 'वेनेजुएला ब्लूप्रिंट' और शासन का नया मॉडल
गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद, डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा के मार-ए-लागो से दुनिया को संबोधित किया। उन्होंने 10 बड़े बिंदुओं वाला एक 'ब्लूप्रिंट' पेश किया, जिसमें सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि "फिलहाल वेनेजुएला को अमेरिका चलाएगा।"
ट्रंप ने कहा कि जब तक एक सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता, तब तक अमेरिकी प्रशासन ही वहां की व्यवस्था संभालेगा। उन्होंने साफ कर दिया कि अमेरिका अब वेनेजुएला में किसी भी ऐसे नेता को बर्दाश्त नहीं करेगा जो अमेरिकी हितों या वेनेजुएला की जनता के खिलाफ काम करे। ट्रंप ने इस पूरे मिशन को 'अमेरिका फर्स्ट' नीति की एक बड़ी सफलता बताया।
तेल भंडारों पर कब्जा और अरबों डॉलर का निवेश प्लान
ट्रंप के ब्लूप्रिंट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वेनेजुएला का तेल भंडार है। ट्रंप ने घोषणा की कि वेनेजुएला की तेल संपदा पर अब अमेरिकी नियंत्रण होगा। उन्होंने कहा कि शेवरॉन और एक्सॉन मोबिल जैसी दिग्गज अमेरिकी तेल कंपनियां वहां अरबों डॉलर का निवेश करेंगी ताकि सालों से खराब पड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक किया जा सके।
ट्रंप का तर्क है कि वेनेजुएला का तेल न केवल वहां की अर्थव्यवस्था को सुधारेगा, बल्कि इससे अमेरिका के लिए भी बड़ी आय होगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि तेल क्षेत्रों के आसपास अमेरिकी सेना की भारी मौजूदगी बनी रहेगी और किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अमेरिका में घरेलू घमासान: डेमोक्रेट्स ने बताया 'असंवैधानिक युद्ध'
ट्रंप की इस कार्रवाई ने अमेरिका के भीतर एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने इसे 'वार पावर्स एक्ट 1973' और अमेरिकी संविधान का खुला उल्लंघन बताया है।
डीएनसी के अध्यक्ष केन मार्टिन और सीनेटर एंडी किम ने बयान जारी कर कहा कि ट्रंप ने बिना कांग्रेस की अनुमति के एक संप्रभु राष्ट्र पर हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला नशीली दवाओं को रोकने के लिए नहीं, बल्कि तेल और कॉर्पोरेट हितों के लिए किया गया है।
न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी ट्रंप को फोन कर अपना कड़ा विरोध जताया और इस सैन्य कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया।
रूस-चीन की कड़ी प्रतिक्रिया और ग्लोबल डिसऑर्डर का खतरा
वैश्विक स्तर पर रूस और चीन ने इस हमले को 'दादागिरी' और 'साम्राज्यवादी आक्रामकता' करार दिया है। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए इसे संप्रभुता का हनन बताया है।
चीन, जिसने वेनेजुएला में 60 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है, उसे अपने आर्थिक हितों के डूबने का डर सता रहा है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इसे एक "खतरनाक मिसाल" बताया है और सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से शीत युद्ध जैसा 'ग्लोबल डिसऑर्डर' पैदा हो गया है, जहा परमाणु शक्तियां आमने-सामने आ सकती हैं।
कयामत की भविष्यवाणियां: क्या शुरू हो चुका है तीसरा विश्व युद्ध?
इस हमले के बाद सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में बाबा वेंगा और नास्त्रेदमस की 2026 की भविष्यवाणियां फिर से चर्चा में आ गई हैं। नास्त्रेदमस ने 2026 के लिए 'पश्चिम के बाज' द्वारा दक्षिण पर हमले और दुनिया के तीन हिस्सों में बंटने की भविष्यवाणी की थी।
वहीं बाबा वेंगा ने भी 2026 में एक बड़े वैश्विक संघर्ष और सत्ता के बड़े फेरबदल के संकेत दिए थे। 4 जनवरी 2026 को जिस तरह से एक संप्रभु देश के राष्ट्रपति को हथकड़ी लगाकर न्यूयॉर्क लाया गया है, उसे कई जानकार 'वर्ल्ड वॉर 3' का आधिकारिक ट्रिगर मान रहे हैं। दुनिया अब इस बात से सहमी हुई है कि रूस और चीन की अगली चाल क्या होगी।
मादुरो के खिलाफ न्यूयॉर्क की अदालत में चलने वाले मुकदमों की फेहरिस्त
मादुरो के खिलाफ न्यूयॉर्क की संघीय अदालत में चलने वाला मुकदमा अंतरराष्ट्रीय न्याय और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।
नार्को-टेररिज्म और 'कार्टेल ऑफ द सन्स' का नेतृत्व
अमेरिकी न्याय विभाग ने निकोलस मादुरो पर मुख्य रूप से 'नार्को-टेररिज्म' का आरोप लगाया है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि मादुरो 'कार्टेल ऑफ द सन्स' नामक एक ड्रग सिंडिकेट का नेतृत्व कर रहे थे।
इस संगठन में वेनेजुएला के उच्च पदस्थ सैन्य और न्यायिक अधिकारी शामिल थे। आरोप है कि मादुरो ने वेनेजुएला की पूरी सरकारी मशीनरी और सेना को कोकीन की तस्करी के लिए इस्तेमाल किया।
अमेरिका का मानना है कि इस कार्टेल का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी युवाओं को ड्रग्स के जाल में फंसाकर अमेरिकी समाज को अस्थिर करना था।
कोलंबियाई आतंकवादी संगठन FARC के साथ सांठगांठ
अमेरिकी जांच एजेंसियों के पास ऐसे सबूत होने का दावा है कि मादुरो ने कोलंबिया के कुख्यात आतंकवादी संगठन FARC (Revolutionary Armed Forces of Colombia) के साथ मिलकर काम किया।
आरोपों के अनुसार, मादुरो ने FARC के लड़ाकों को वेनेजुएला में सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराई और बदले में FARC ने उन्हें तस्करी के लिए सुरक्षित रास्ते और सुरक्षा प्रदान की।
इस गठबंधन को न केवल एक ड्रग व्यापार, बल्कि अमेरिका के खिलाफ एक सोची-समझी सैन्य और रणनीतिक साजिश के तौर पर देखा जा रहा है।
कोकीन की तस्करी और अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग
न्यूयॉर्क की अदालत में पेश किए जाने वाले दस्तावेजों के मुताबिक, मादुरो और उनके करीबियों ने प्रति वर्ष सैकड़ों टन कोकीन वेनेजुएला के रास्ते अमेरिका भेजी। इस अवैध धंधे से हुई अरबों डॉलर की कमाई को छिपाने के लिए अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली का गलत इस्तेमाल किया गया।
मनी लॉन्ड्रिंग के इन आरोपों में मादुरो की पत्नी सीलिया फ्लोरेस के भतीजों का नाम भी पहले सामने आ चुका है। अमेरिकी अभियोजकों का कहना है कि वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को तबाह कर मादुरो ने अपनी निजी तिजोरियां भरने के लिए देश को ड्रग्स का ट्रांजिट हब बना दिया था।
अवैध हथियारों की खरीद और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा
मादुरो पर केवल ड्रग्स ही नहीं, बल्कि भारी मात्रा में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त का भी आरोप है। जांच में पाया गया है कि ड्रग्स से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा मशीनगनों, विमानभेदी मिसाइलों और अन्य घातक हथियारों को खरीदने में लगाया गया, ताकि उनकी सत्ता को कोई चुनौती न दे सके।
अमेरिका का तर्क है कि ये हथियार न केवल वेनेजुएला के विपक्ष के खिलाफ इस्तेमाल किए जा रहे थे, बल्कि इससे पूरे लैटिन अमेरिका की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया था।
मानवाधिकारों का हनन और मानवता के खिलाफ अपराध
हालांकि न्यूयॉर्क का मुकदमा मुख्य रूप से नार्को-टेररिज्म पर केंद्रित है, लेकिन अमेरिकी वकील इसमें मानवाधिकारों के उल्लंघन के पहलुओं को भी शामिल कर रहे हैं।
मादुरो पर आरोप है कि उन्होंने सत्ता बचाने के लिए अपने ही नागरिकों पर बर्बर अत्याचार किए, हजारों राजनीतिक विरोधियों को जेल में डाला और प्रदर्शनकारियों पर सीधा हमला करवाया। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि मादुरो ने वेनेजुएला को "कब्रिस्तान" में बदल दिया है और उन्हें इन सभी मौतों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
भ्रष्टाचार और सार्वजनिक धन की बड़े पैमाने पर चोरी
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के पास मौजूद आंकड़ों के अनुसार, मादुरो ने वेनेजुएला की सरकारी तेल कंपनी PDVSA से अरबों डॉलर का गबन किया है। यह वह पैसा था जो वेनेजुएला की जनता के भोजन और स्वास्थ्य पर खर्च होना चाहिए था।
न्यूयॉर्क की अदालत में यह साबित करने की कोशिश की जाएगी कि मादुरो ने भुखमरी का सामना कर रही अपनी जनता का हक मारकर उस पैसे को विदेशी खातों में शिफ्ट किया। ट्रंप ने अपने संबोधन में भी कहा था कि "चोरों के शासन" ने वेनेजुएला के महान लोगों को गरीब बना दिया है।
प्रत्यर्पण संधि और अंतरराष्ट्रीय कानून की जटिलताएं
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकदमा एक 'कानूनी युद्ध' जैसा होगा। चूंकि अमेरिका ने मादुरो को उनके देश से बलपूर्वक उठाया है, इसलिए बचाव पक्ष 'अवैध अपहरण' का तर्क दे सकता है।
हालांकि, अमेरिका का पक्ष है कि मादुरो एक भगोड़े अपराधी थे जिन पर 15 मिलियन डॉलर का इनाम था, और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए उनकी गिरफ्तारी अनिवार्य थी। यह मामला आने वाले महीनों में वैश्विक न्याय प्रणाली के लिए एक बड़ी कसौटी साबित होगा।
