Trump-France Tariff Row: ट्रंप ने फ्रांसीसी वाइन पर 200% टैरिफ लगाने की दी धमकी, बोर्ड ऑफ पीस विवाद से बढ़ा तनाव

ट्रंप ने फ्रांसीसी वाइन पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी दी। (फाइल फोटो)
Trump tariff on France: अमेरिका और फ्रांस में एक बार फिर खटास आ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की मशहूर वाइन और शैंपेन पर 200 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की खुली चेतावनी दी है। यह धमकी ऐसे समय आई है, जब फ्रांस ने ट्रंप की प्रस्तावित 'बोर्ड ऑफ पीस' पहल से दूरी बना ली है।
फ्रांस के फैसले से नाराज हैं ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि अगर फ्रांस सहयोग के लिए आगे नहीं आया, तो अमेरिकी बाजार में फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन को भारी टैक्स का सामना करना पड़ेगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें भरोसा है कि फ्रांस अंततः सहमत होगा, लेकिन अंतिम फैसला राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर निर्भर करता है।
#BREAKING: Trump threatene 200% tariffs on French wine and champagne over Paris's intentions to decline his invitation to join his "Board of Peace". US leader also shared in a Truth Social post a private message he received from French President Macron regarding Greenland. pic.twitter.com/dMnfX4R9wB
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 20, 2026
क्या है 'बोर्ड ऑफ पीस' का विवाद?
'बोर्ड ऑफ पीस' को शुरुआत में गाजा के पुनर्निर्माण की निगरानी के लिए प्रस्तावित किया गया था। हालांकि, बाद में इसके व्यापक दायरे की चर्चा सामने आई, जिसमें अन्य वैश्विक मुद्दे भी शामिल हो सकते हैं। इसी संभावित विस्तार को लेकर फ्रांस में चिंता जताई गई और दूरी बनाए रखने का संकेत मिला।
ट्रंप ने सार्वजनिक किया मैक्रों का निजी संदेश
विवाद को और हवा तब मिली, जब ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर फ्रांसीसी राष्ट्रपति का एक निजी संदेश साझा कर दिया। इस संदेश में मैक्रों ने ईरान और सीरिया को लेकर अमेरिका-फ्रांस की समान सोच का जिक्र किया, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप की दिलचस्पी पर सवाल भी उठाया।

ग्रीनलैंड मुद्दे पर फ्रांस का तंज
ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी रुख पर फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए टिप्पणी की। पोस्ट में अमेरिका की दलीलों की तुलना ‘भविष्य की आग से बचने के लिए घर जलाने’ जैसी सोच से की गई, जिससे राजनयिक तनाव और गहरा गया।
अमेरिका की सफाई, आर्कटिक सुरक्षा का हवाला
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ट्रंप का बचाव करते हुए कहा कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस की गतिविधियों को लेकर अमेरिका सतर्क है। उनका कहना था कि अगर भविष्य में ग्रीनलैंड पर कोई खतरा आता है, तो नाटो देशों को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है।
फ्रांस का कड़ा जवाब
फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने ट्रंप की टैरिफ धमकी को ‘अस्वीकार्य और अप्रभावी’ बताया है। उनका कहना है कि व्यापारिक दबाव बनाकर किसी देश को विदेश नीति पर मजबूर नहीं किया जा सकता।
