हवा में कांप गया ट्रंप का 'एयरफोर्स वन': तकनीकी खराबी के बाद बीच रास्ते से लौटा विमान, टला बड़ा हादसा

अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के तहत, ऐसी किसी भी स्थिति के लिए हमेशा एक 'बैकअप' विमान तैयार रहता है।
नई दिल्ली : अमेरिका से स्विट्जरलैंड के दावोस जा रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान 'एयरफोर्स वन' में अचानक आई तकनीकी खराबी ने हड़कंप मचा दिया।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में हिस्सा लेने के लिए रवाना हुए ट्रंप को उस समय अपनी यात्रा बीच में ही रोकनी पड़ी जब विमान के चालक दल ने एक 'मामूली इलेक्ट्रिकल समस्या' का पता लगाया।
सुरक्षा कारणों और बेहद सावधानी बरतते हुए विमान को जॉइंट बेस एंड्रयूज की ओर वापस मोड़ दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति के बेड़े में शामिल पुराने होते विमानों की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी है।
टेकऑफ के कुछ ही देर बाद गुल हुई लाइटें
जॉइंट बेस एंड्रयूज से उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद एयरफोर्स वन के भीतर मौजूद पत्रकारों और क्रू ने महसूस किया कि विमान की लाइटें कुछ पलों के लिए झपझपाईं और फिर बंद हो गईं। हालांकि, बिजली तुरंत वापस आ गई, लेकिन आसमान की ऊंचाइयों पर राष्ट्रपति की सुरक्षा के साथ कोई भी जोखिम नहीं लिया जा सकता था।
चालक दल ने तुरंत स्थिति की जानकारी दी और विमान को वॉशिंगटन डीसी की ओर मोड़ने का फैसला लिया गया।
बीच रास्ते से 'U-टर्न' और लैंडिंग
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की कि जैसे ही विमान में इलेक्ट्रिकल फॉल्ट का पता चला, "अत्यधिक सावधानी" बरतते हुए यू-टर्न लेने का निर्णय लिया गया। विमान सुरक्षित रूप से वापस मैरीलैंड स्थित एयरफोर्स बेस पर लैंड हुआ।
राष्ट्रपति ट्रंप और उनका पूरा दल सुरक्षित है, लेकिन इस अप्रत्याशित मोड़ ने उनकी दावोस यात्रा के तय कार्यक्रम में कुछ घंटों की देरी जरूर कर दी है।
पुराना बेड़ा और कतर से मिले विमान का जिक्र
इस घटना ने अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए इस्तेमाल होने वाले चार दशक पुराने विमानों के रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बोइंग द्वारा नए विमानों की डिलीवरी में हो रही देरी के बीच, प्रेस सचिव लेविट ने मजाकिया अंदाज में कतर के शाही परिवार द्वारा ट्रंप को उपहार में दिए गए 'लग्जरी बोइंग 747-8' का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में वह कतरी विमान कहीं बेहतर विकल्प लग रहा है। हालांकि, वह विमान अभी सुरक्षा मानकों के अनुसार अपग्रेड किया जा रहा है।
दावोस में ट्रंप का कड़ा एजेंडा और ग्रीनलैंड विवाद
ट्रंप का यह दावोस दौरा पहले से ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनावपूर्ण माना जा रहा है। वे वहाँ ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय देशों पर लगाए जाने वाले टैरिफ और व्यापारिक समझौतों पर कड़ा रुख अपनाने वाले हैं।
विमान की इस खराबी के बावजूद, व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि राष्ट्रपति हार नहीं मानेंगे और वे दूसरे विमान में सवार होकर तुरंत स्विट्जरलैंड के लिए रवाना होंगे ताकि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अपना संबोधन दे सकें।
सुरक्षा प्रोटोकॉल और दूसरा विमान
अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल के तहत, ऐसी किसी भी स्थिति के लिए हमेशा एक 'बैकअप' विमान तैयार रहता है। ट्रंप के वापस लैंड होते ही उन्हें और उनके सहयोगियों को दूसरे विमान में शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
प्रशासन का कहना है कि राष्ट्रपति की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इलेक्ट्रिकल ग्लिच चाहे कितना भी छोटा क्यों न हो, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था।
