PM Modi speaks to emmanuel macron: पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार, 19 मार्च को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से टेलीफोन पर बातचीत की। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में तेजी से बदलती परिस्थितियों और बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान 'तनाव कम करने' (De-escalation) और कूटनीति के रास्ते पर लौटने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
राष्ट्रपति मैक्रों से बातचीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, "आज अपने मित्र राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बात की। हमने पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति और बातचीत व कूटनीति की वापसी की आवश्यकता पर अपनी साझा चिंताओं पर चर्चा की। हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जल्द बहाली के लिए प्रयासों में समन्वय और निकट संपर्क बनाए रखेंगे।"
इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद शुरू हुआ संघर्ष
पश्चिम एशिया में इस बड़े संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी, 2026 को हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े सैन्य हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों में स्थित इजरायली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
हाल के दिनों में बढ़ी आक्रामकता
पिछले कुछ दिनों में संघर्ष और अधिक हिंसक हो गया है। दोनों पक्षों की ओर से लगातार किए जा रहे हमलों और जवाबी हमलों ने युद्ध के दायरे को काफी बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और सुरक्षा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
पीएम मोदी की सक्रिय कूटनीति
भारत इस संकट में एक मध्यस्थ और शांति दूत के रूप में उभरा है। गुरुवार को मैक्रों से बात करने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी इस सैन्य संघर्ष की शुरुआत से अब तक पश्चिम एशिया के आठ प्रमुख नेताओं से बात कर चुके हैं। भारत का रुख स्पष्ट है कि हिंसा से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता और केवल संवाद ही शांति का एकमात्र रास्ता है।