पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में एक पुलिस स्टेशन को निशाना बनाकर आत्मघाती कार धमाका किया गया, जिसमें 5 लोगों की मौत हो गई। वहीं, अमेरिकी रिपोर्ट ने पाकिस्तान को आतंकियों का सुरक्षित ठिकाना बताया है।

Pakistan Suicide Blast: पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत एक बार फिर भीषण बम धमाके से दहल उठा है। बन्नू जिले के डोमेल तहसील में गुरुवार देर रात एक आत्मघाती हमलावर ने बारूद से भरी कार पुलिस स्टेशन से टकरा दी। इस शक्तिशाली विस्फोट में तीन महिलाओं और एक बच्चे समेत कम से कम पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

मलबे में तब्दील हुए आसपास के घर
धमाका इतना जबरदस्त था कि इसकी गूंज दूर-दराज के इलाकों तक सुनी गई। पुलिस स्टेशन को मुख्य निशाना बनाते हुए किए गए इस हमले में आसपास के कई घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। घटना के तुरंत बाद इलाके में गोलीबारी की आवाजें भी सुनी गईं, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी दहशत फैल गई।

बचाव कार्य और पुलिस की स्थिति
हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे से शवों को बाहर निकाला। इस हमले में चार पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

अमेरिकी रिपोर्ट ने उड़ाए पाकिस्तान के होश
इस हमले के बीच, अमेरिकी कांग्रेस की एक ताजा रिपोर्ट (CRS) ने पाकिस्तान के दोहरे चेहरे को बेनकाब कर दिया है। 25 मार्च 2026 को जारी इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि पाकिस्तान आज भी आतंकवादियों के लिए 'सुरक्षित पनाहगाह' बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद अपनी जमीन से भारत विरोधी गतिविधियों को रोकने में नाकाम रहा है।

भारत के खिलाफ सक्रिय हैं आतंकी संगठन
अमेरिकी रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे प्रतिबंधित संगठन अभी भी पाकिस्तानी सरजमीं से खुलेआम काम कर रहे हैं। ये संगठन विशेष रूप से भारत के केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को निशाना बना रहे हैं। पाकिस्तान की सेना और सरकार इन समूहों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने के बजाय 'असंगत' व्यवहार कर रही है।

एक्शन प्लान सिर्फ कागजों तक सीमित
रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि पाकिस्तान का 'नेशनल एक्शन प्लान' केवल कागजों तक ही सीमित है। लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठन अपने मीडिया आउटलेट्स के जरिए नफरत फैलाने का काम जारी रखे हुए हैं। पाकिस्तान की इस लापरवाही का खामियाजा अब उसके अपने नागरिकों को भी भुगतना पड़ रहा है, जैसा कि बन्नू में हुए ताज़ा हमले में देखा गया।