मिडिल ईस्ट में जंग के 22वें दिन डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका अपने सैन्य मिशन के करीब है और ईरान की मिसाइल व रक्षा क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। ट्रंप ने सीजफायर की संभावना को खारिज करते हुए संघर्ष जारी रहने के संकेत दिए।

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का आज 22वां दिन है। संघर्ष के चौथे सप्ताह में पहुंच जाने के बावजूद हालात स्थिर नहीं हैं। लगातार हो रहे ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए नया बयान दिया है।

“मिशन पूरा होने के करीब” – ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने सैन्य उद्देश्यों को हासिल करने के बेहद करीब पहुंच चुका है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अब अमेरिका धीरे-धीरे अपने सैन्य अभियानों को कम करने पर विचार कर सकता है।

सीजफायर से साफ इनकार
ट्रंप ने ईरान के साथ किसी भी तरह के सीजफायर की संभावना को पूरी तरह खारिज कर दिया। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात में संघर्ष रोकने की कोई योजना नहीं है।

क्या है अमेरिका का लक्ष्य?
ट्रंप के बयान के अनुसार, अमेरिका के मुख्य उद्देश्य ये हैं:

  1. ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्च सिस्टम को पूरी तरह खत्म करना
  2. रक्षा औद्योगिक ढांचे को कमजोर करना
  3. ईरान की नौसेना और वायुसेना को निष्क्रिय करना
  4. ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से हर हाल में रोकना

“ईरान की ताकत खत्म कर दी” – दावा
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की मिसाइल क्षमता, रक्षा ढांचे, नौसेना और वायुसेना को पूरी तरह तबाह कर दिया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक सामने नहीं आई है।

सहयोगी देशों को भरोसा
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों इजरायल, सऊदी अरब, कतर, यूएई, बहरीन और कुवैत की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी उनकी रक्षा करता रहेगा।

बढ़ती जा रही वैश्विक चिंता
लगातार बढ़ते हमलों और सख्त बयानों से यह साफ है कि हालात जल्द सामान्य होने वाले नहीं हैं। अगर तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो इसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है।