पाकिस्तान के लाहौर में लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक सदस्य और आतंकी हाफिज सईद के करीबी अमीर हमजा पर जानलेवा हमला हुआ है। अज्ञात हमलावरों ने एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर के बाहर उसे निशाना बनाकर गोलियां चलाईं।

पाकिस्तान के लाहौर में एक बार फिर "अज्ञात हमलावरों" की दहशत देखने को मिली है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोयबा के संस्थापक सदस्य और भारत के मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद के दाहिने हाथ माने जाने वाले अमीर हमजा पर जानलेवा हमला हुआ है।

गुरुवार को लाहौर में एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर के बाहर अज्ञात बंदूकधारियों ने उसे निशाना बनाया। हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार होने में कामयाब रहे। फिलहाल हमजा को लहूलुहान हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

​ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमीर हमजा लाहौर में एक स्थानीय न्यूज़ चैनल के दफ्तर से बाहर निकल रहा था, तभी मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियां लगने के बाद हमजा वहीं गिर पड़ा।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमला पूरी तरह सुनियोजित था। हमलावरों ने हमजा की गतिविधियों की पहले से रेकी की थी और सटीक निशाना लगाकर उसे मौत के घाट उतारने की कोशिश की। इस घटना ने एक बार फिर पाकिस्तान के सुरक्षित पनाहगाहों में छिपे आतंकियों के बीच खलबली मचा दी है।

​अमीर हमजा लश्कर-ए-तैयबा के शुरुआती 17 संस्थापक सदस्यों में से एक है। उसे हाफिज सईद के बाद संगठन का सबसे अहम चेहरा माना जाता है।

  • ​LeT का मुख्य प्रोपेगेंडा चेहरा: वह संगठन का शीर्ष वैचारिक नेता रहा है और लश्कर के आधिकारिक प्रकाशन 'मजल्लाह अल-दावा' का संस्थापक संपादक भी था।
  • ​भारत के खिलाफ साजिश: भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचने में उसकी मुख्य भूमिका रही है। वह अफगान मुजाहिदीन का भी हिस्सा रह चुका है।
  • ​अंतरराष्ट्रीय आतंकी: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के ट्रेजरी विभाग ने उसे वैश्विक आतंकवादियों की सूची में शामिल कर रखा है।

​पिछले एक साल में पाकिस्तान के भीतर भारत विरोधी आतंकियों की सिलसिलेवार हत्याओं ने सुरक्षा एजेंसियों को हैरान कर रखा है। शाहिद लतीफ, मुफ्ती कैसर फारूक और हाल ही में सैफुल्लाह खालिद जैसे कई आतंकियों को 'अज्ञात हमलावरों' ने पाकिस्तान की सुरक्षित सड़कों और मस्जिदों में घुसकर मारा है।

अमीर हमजा पर हुए इस ताजा हमले को भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। पाकिस्तानी मीडिया में इसे लेकर काफी शोर है कि आखिर कौन है जो पाकिस्तान के भीतर घुसकर इन "एसेट्स" को निशाना बना रहा है।

​पाकिस्तानी मीडिया और खुफिया एजेंसियां इस हमले को लेकर बेहद सतर्क हैं। फिलहाल किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, कयास लगाए जा रहे हैं कि यह अंदरूनी कलह या किसी बाहरी एजेंसी के 'कोवर्ट ऑपरेशन' का हिस्सा हो सकता है।

बता दें कि इससे पहले 2025 में भी अमीर हमजा के घर में एक "रहस्यमयी दुर्घटना" की खबर आई थी, जिसे बाद में गोलीबारी बताया गया था, लेकिन इस बार का हमला सार्वजनिक तौर पर और बेहद आक्रामक तरीके से हुआ है।