Amir Hamza Shot: पाकिस्तान के लाहौर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के सह-संस्थापक और हाफिज सईद के सबसे करीबी माने जाने वाले अमीर हमजा पर गुरुवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने हमला कर दिया। सूत्रों के मुताबिक, 66 वर्षीय हमजा को उस वक्त निशाना बनाया गया जब वह लाहौर में एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर से बाहर निकल रहा था। हमले के तुरंत बाद उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
हाफिज सईद के बाद लश्कर में दूसरा स्थान
अमीर हमजा को लश्कर-ए-तैयबा में हाफिज सईद के बाद दूसरा सबसे प्रभावशाली नेता माना जाता है। भारत के खिलाफ कई आतंकी साजिशों में शामिल रहा हमजा एक 'वांटेड' आतंकी है। उसने लश्कर के भीतर कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है और सालों तक सईद के साथ मिलकर संगठन के प्रोपेगेंडा और विस्तार कार्यक्रमों की कमान संभाली है। वह लश्कर के आधिकारिक प्रकाशन का संपादक भी है और अपने भड़काऊ भाषणों के लिए कुख्यात रहा है।
एक साल के भीतर दूसरी बार हुआ हमला
हैरानी की बात यह है कि एक साल से भी कम समय में हमजा पर यह दूसरा जानलेवा हमला है। इससे पहले पिछले साल मई में भी लाहौर में उसके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उसे गोली मारी थी। उस हमले के बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने उसकी सुरक्षा बढ़ा दी थी, हालांकि सरकार ने आधिकारिक तौर पर उस घटना पर कोई टिप्पणी नहीं की थी। ताजा हमले के बाद एक बार फिर पाकिस्तान में 'अज्ञात हमलावरों' का खौफ आतंकियों के बीच साफ देखा जा रहा है।
कौन है अमीर हमजा?
अफगान मुजाहिदीन का हिस्सा रह चुका अमीर हमजा लश्कर की विचारधारा को फैलाने वाला मुख्य चेहरा रहा है। उसने कई किताबें भी लिखी हैं, जिनमें 2002 में प्रकाशित 'काफिला दावत और शहादत' काफी चर्चा में रही थी। भारत में हुए कई आतंकी हमलों के पीछे उसका हाथ बताया जाता है। फिलहाल, अस्पताल में उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियां इस हमले की जांच में जुटी हैं।