इंडोनेशिया में ज्वालामुखी विस्फोट से सुनामी का खतरा: एक मील तक फैला धुआं, 800 लोगों ने छोड़ा अपना घर, क्या दोहराएगा 1871 का इतिहास?

Indonesia Mount Ruang volcano Eruption: ज्वालामुखी फटने के कारण आसमान में एक मील से भी अधिक दूरी तक धुआं फैल गया और सैकड़ों लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

Updated On 2024-04-18 08:29:00 IST
Indonesia Mount Ruang volcano Eruption

Indonesia Mount Ruang volcano Eruption: दुनिया पर ग्लोबल वार्मिंग का असर साफ देखने को मिल रहा है। जैसे संयुक्त अरब अमीरात समेत 4 देश बारिश, बाढ़ की समस्या से जूझ रहे हैं तो इंडोनेशिया पर ज्वालामुखी में विस्फोट के बाद सुनामी का खतरा मंडरा रहा है। इंडोनेशिया के एक द्वीप है माउंट रुआंग। यहां ज्वालामुखी में बार-बार विस्फोट हो रहा है। बीते 24 घंटे में ज्चालामुखी में 5 बार विस्फोट हुए। अधिकारियों को डर है कि यह ढह सकता है और सुनामी पैदा कर सकता है। सुरक्षा के मद्देनजर सैकड़ों लोगों को क्षेत्र से निकाला गया है। 

इंडोनेशिया में अधिकारियों ने उत्तरी सुलावेसी प्रांत में कई बार ज्वालामुखी फटने के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की है। ज्वालामुखी फटने के कारण आसमान में एक मील से भी अधिक दूरी तक धुआं फैल गया और सैकड़ों लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा।

मंगलवार को हुआ था पहला विस्फोट
ज्वालामुखी एजेंसी ने कहा कि माउंट रुआंग में एक स्ट्रैटोवोलकानो पहली बार मंगलवार को स्थानीय समयानुसार रात 9.45 बजे फटा और फिर बुधवार को चार बार फटा। अधिकारियों को चिंता है कि ज्वालामुखी का एक हिस्सा समुद्र में गिर सकता है और सुनामी का कारण बन सकता है। ऐसा 1871 में हुआ था। ज्वालामुखी के उत्तर-पूर्व में टैगुलांदंग द्वीप फिर से खतरे में है। यहां रहने वाले लोगों को अपने मकान खाली करने के लिए कहा जा रहा है।

ज्वालामुखी के लिए अलर्ट लेवल, जिसकी समुद्र तल से ऊंचाई 725 मीटर है, बुधवार शाम को तीन से बढ़ाकर चार कर दिया गया। यह चार-स्तरीय प्रणाली में उच्चतम स्तर है।

विस्फोट के कारण धुआं आसपास फैल गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

ज्वालामुखीय गतिविधि में वृद्धि
इंडोनेशिया की ज्वालामुखी विज्ञान एजेंसी के प्रमुख हेंड्रा गुनावान ने एक बयान में कहा कि विजुअल और साउंड की जांच के नतीजे चौंकाने वाले हैं। ज्वालामुखीय गतिविधि में वृद्धि देखी गई। माउंट रुआंग का स्तर तीन से बढ़ाकर स्तर चार कर दिया गया। अधिकारियों ने बुधवार शाम को गड्ढे के चारों ओर 4 किमी के बहिष्करण क्षेत्र (Exclusion zone) को 6 किमी तक बढ़ा दिया।

राज्य एजेंसी अंतारा ने बताया कि अभी तक किसी की मौत या घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। लेकिन 800 से अधिक लोगों को रुआंग द्वीप के दो गांवों से पास के टैगुलानडांग द्वीप में ले जाया गया, जो प्रांतीय राजधानी मानदो से 60 मील से अधिक उत्तर में स्थित है।

इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा शमन एजेंसी ने कहा कि निवासियों को नाव से छह घंटे की यात्रा करके सुलावेसी द्वीप पर निकटतम शहर मनाडो में स्थानांतरित किया जाएगा।

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की कवायद जारी है।

2018 में मारे गए थे 430 लोग
2018 में इंडोनेशिया के अनाक क्राकाटाऊ में ज्वालामुखी विस्फोट हुआ था। इसके चलते पहाड़ के कुछ हिस्से समुद्र में गिरने के बाद सुमात्रा और जावा के तटों पर सुनामी आई थी, जिसमें 430 लोग मारे गए।

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