नई दिल्ली : बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद अब वोटों की गिनती का दौर जारी है। शुरुआती नतीजों और रुझानों ने स्पष्ट कर दिया है कि देश की सत्ता पर वापसी के लिए तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी सबसे मजबूत दावेदार बनकर उभरी है।
वहीं, कट्टरपंथी झुकाव वाली जमात-ए-इस्लामी ने भी कई सीटों पर जीत दर्ज कर सबको चौंका दिया है। दूसरी ओर, भारत में शरण लिए हुए पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस चुनाव को पूरी तरह से 'नाटक' करार देते हुए रद्द करने की मांग की है।
अब तक के चुनावी नतीजे: बीएनपी का अर्धशतक, जमात की चुनौती
मतगणना के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 300 सदस्यीय संसद में से अब तक घोषित सीटों पर बीएनपी 50 से अधिक सीटें जीतने में सफल रही है। तारिक रहमान अपनी दोनों ही सीटों पर भारी मतों से आगे चल रहे हैं। वहीं, जमात-ए-इस्लामी अब तक 18 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है, जिससे यह स्पष्ट है कि अगली सरकार के गठन में उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होने वाली है। एनसीपी और अन्य छोटे दलों को भी शुरुआती बढ़त मिली है।
शेख हसीना की तीखी प्रतिक्रिया: 'यह फर्जी चुनाव है'
अवामी लीग पर प्रतिबंध लगने के कारण इस चुनाव से बाहर रहीं पूर्व पीएम शेख हसीना ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए कहा कि उनकी पार्टी के बिना कराए गए ये चुनाव पूरी तरह से 'फर्जी' और 'वोटर-विहीन' हैं।
हसीना ने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है और मतदान केंद्रों पर जनता की कोई भागीदारी नहीं थी। उन्होंने इस चुनाव को तुरंत रद्द कर एक न्यूट्रल केयरटेकर सरकार के तहत फिर से निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग की है।
तनाव और अपील: राजनीतिक दलों की कार्यकर्ताओं से गुजारिश
चुनाव नतीजों के बीच हिंसा की छिटपुट घटनाओं और बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपने कार्यकर्ताओं के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बीएनपी और जमात दोनों ने ही अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार के विजय जुलूस में संयम बरतने की अपील की है।
जमात के प्रमुख शफीकुर रहमान ने कहा है कि उनकी पार्टी चुनाव परिणामों को स्वीकार करेगी, बशर्ते मतगणना में कोई बड़ी सरकारी दखलअंदाजी न हो। प्रशासन ने भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि नतीजों के बाद कोई गृहयुद्ध जैसे हालात न बनें।
