India-US Trade Deal: ट्रंप-मोदी की दोस्ती फिर बनी डील की ताकत, रूस के तेल पर व्हाइट हाउस का बड़ा दावा

लेविट ने कहा कि ट्रंप की टैरिफ नीति अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को दोबारा मजबूत कर रही है।
अमेरिका और भारत के बीच हुए ताज़ा व्यापार समझौते को भारत की कूटनीतिक जीत के तौर पर देखा जा रहा है। इस बीच व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट (Caroline Leavitt) ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस डील के साथ-साथ डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के रिश्तों पर खुलकर बात की।
लेविट ने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच सीधी बातचीत के बाद यह बड़ा समझौता हुआ है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पीएम मोदी के साथ अपने संबंधों को खास तौर पर एन्जॉय करते हैं और भारत के साथ साझेदारी को बेहद अहम मानते हैं।
#WATCH | Washington DC | On US-India trade agreement, White House Press Secretary Karoline Leavitt says, "India committed to not only no longer purchasing Russian oil, but buying oil from the United States, also perhaps from Venezuela too, which will now have a direct benefit on… pic.twitter.com/exQUBopZJE
— ANI (@ANI) February 3, 2026
रूस के तेल पर विवादित दावा
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी ने यह भी कहा कि पीएम मोदी रूस से तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका व संभवतः वेनेजुएला से तेल खरीदने पर सहमत हुए हैं।
हालांकि, इस दावे पर भारत की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं रूस ने भी स्पष्ट किया है कि उसे भारत की ओर से ऐसी किसी सूचना की जानकारी नहीं मिली है।
500 अरब डॉलर निवेश का जिक्र
लेविट के मुताबिक, पीएम मोदी ने अमेरिका में 500 बिलियन डॉलर के निवेश का भी वादा किया है, जिसमें ट्रांसपोर्टेशन, एनर्जी और कृषि उत्पाद जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
उन्होंने इसे राष्ट्रपति ट्रंप की टैरिफ नीति और आर्थिक एजेंडे की बड़ी सफलता बताया।
ट्रंप की टैरिफ नीति पर व्हाइट हाउस का जोर
प्रेस ब्रीफिंग में लेविट ने कहा कि ट्रंप की टैरिफ नीति अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को दोबारा मजबूत कर रही है। विदेशी निवेश बढ़ रहा है, नौकरियां पैदा हो रही हैं और बीते कुछ महीनों में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में तेजी देखने को मिली है।
