ट्रंप का टैरिफ बम फुस्स: World Bank का दावा- FY26 में भारत रहेगा दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था, GDP ग्रोथ 7.2% आंकी

World Bank का दावा- FY26 में भारत रहेगा दुनिया की सबसे तेज बढ़ती अर्थव्यवस्था, GDP ग्रोथ 7.2% आंकी
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विश्व बैंक के अलावा आईएमएफ और आरबीआई ने भी भारत की आर्थिक सेहत पर भरोसा जताया है।

ट्रंप के भारी टैरिफ और वैश्विक मंदी के बीच भारत के लिए खुशखबरी। World Bank ने FY26 में भारत की विकास दर 7.2% रहने का अनुमान जताया।

नई दिल्ली : ​पूरी दुनिया जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए जा रहे भारी टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों से सहमी हुई है, वहीं भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सात समंदर पार से बड़ी खुशखबरी आई है।

विश्व बैंक ने अपनी ताज़ा 'ग्लोबल इकोनॉमिक प्रोस्पेक्ट्स' रिपोर्ट में भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर सबको चौंका दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के टैरिफ हमलों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेज़ रफ्तार से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा।

यह खबर ऐसे समय में आई है जब ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है।

वर्ल्ड बैंक ने बढ़ाया भरोसा: 7.2% की दर से बढ़ेगा भारत

​विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर का अनुमान बढ़ाकर 7.2% कर दिया है। इससे पहले जून 2025 में यह अनुमान 6.3% था, यानी इसमें 0.9 फीसदी का बड़ा इजाफा किया गया है।

बैंक का मानना है कि भारत की मज़बूत घरेलू मांग, टैक्स सुधारों और ग्रामीण इलाकों में बढ़ती आय की वजह से ग्लोबल टेंशन का भारत पर बहुत कम असर होगा।

जहा चीन की विकास दर धीमी होकर 4.4% रहने का अनुमान है, वहीं भारत अपनी तेज़ रफ्तार बरकरार रखेगा।

ट्रंप का 'टैरिफ अटैक' होगा धुआं-धुआं

​डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में उन देशों पर 25% का नया टैरिफ लगाने की धमकी दी है जो ईरान के साथ व्यापार करते हैं। भारत के लिए भी यह एक चुनौती मानी जा रही थी, क्योंकि पहले से ही कई वस्तुओं पर 50% टैरिफ लागू है।

लेकिन विश्व बैंक ने साफ़ किया है कि भारत की अर्थव्यवस्था निर्यात से ज़्यादा अपनी 'घरेलू खपत' पर टिकी है। यही कारण है कि अमेरिकी टैरिफ से होने वाला नुकसान भारत की मज़बूत अंदरूनी मांग से कवर हो जाएगा और विकास की रफ्तार नहीं थमेगी।

क्यों मज़बूत है भारतीय इकोनॉमी की बुनियाद?

​विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत की ताकत के पीछे तीन मुख्य कारण बताए गए हैं। पहला, भारत में सर्विस सेक्टर बहुत लचीला है। दूसरा, हालिया टैक्स सुधारों और जीएसटी कलेक्शन में हुई बढ़ोतरी ने सरकार के खजाने को मज़बूत किया है।

तीसरा, ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरी और आय में सुधार हुआ है, जिससे लोगों की खरीदारी करने की क्षमता बढ़ी है। यही 'लोकल डिमांड' भारत को वैश्विक झटकों से बचाने वाली एक ढाल की तरह काम कर रही है।

ईरान टैरिफ और भारत: टेंशन की बात क्यों नहीं?

​विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान पर ट्रंप के नए टैरिफ का भारत पर "न्यूनतम असर" पड़ेगा। इसका कारण यह है कि ईरान भारत के शीर्ष 50 व्यापारिक भागीदारों में भी शामिल नहीं है।

भारत का ईरान के साथ कुल व्यापार मात्र 1.6 बिलियन डॉलर के करीब है, जो भारत के कुल विदेशी व्यापार का मात्र 0.15% है। इसके अलावा, भारत ईरान को मुख्य रूप से चावल, चाय और दवाओं जैसी मानवीय वस्तुओं का निर्यात करता है, जिन पर आमतौर पर प्रतिबंधों का कड़ा असर नहीं होता।

ग्लोबल मंदी के बीच 'ब्राइट स्पॉट' बना भारत

​जहां संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां दुनिया भर में आर्थिक सुस्ती की चेतावनी दे रही हैं, वहीं भारत एक 'ब्राइट स्पॉट' बनकर उभरा है।

विश्व बैंक के अलावा आईएमएफ और आरबीआई ने भी भारत की आर्थिक सेहत पर भरोसा जताया है।

रिपोर्ट यह भी कहती है कि यदि अमेरिका के साथ व्यापारिक मुद्दों का समाधान हो जाता है, तो भारत की विकास दर अनुमान से भी कहीं ऊपर जा सकती है।

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