मादुरो को बताया 'असली राष्ट्रपति' और खुद संभाली सत्ता: कौन हैं डेल्सी रोड्रिग्ज, जिन्हें संकट के बीच मिली वेनेजुएला की जिम्मेदारी?

56 वर्षीय डेल्सी रोड्रिग्ज वेनेजुएला की सबसे शक्तिशाली महिला नेताओं में से एक हैं।
नई दिल्ली : वेनेजुएला में अमेरिकी सेना के अचानक हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। अमेरिकी स्पेशल फोर्स मादुरो और उनकी पत्नी को बंदी बनाकर न्यूयॉर्क ले गई है, जिसके बाद वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को देश की कमान सौंप दी है।
डेल्सी ने अंतरिम राष्ट्रपति का पद तो स्वीकार कर लिया है, लेकिन उन्होंने साफ़ कर दिया है कि उनके लिए मादुरो ही असली राष्ट्रपति रहेंगे।
अमेरिकी सेना का ऑपरेशन और मादुरो की गिरफ्तारी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर शनिवार तड़के अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर जोरदार हवाई हमले किए। इस दौरान 'डेल्टा फोर्स' ने एक गुप्त ऑपरेशन चलाकर निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को उनके बेडरूम से हिरासत में ले लिया।
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें हथकड़ी लगाकर न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उन पर 'नार्को-टेररिज्म' और ड्रग तस्करी के पुराने आरोपों में मुकदमा चलाया जाएगा। इस घटना ने पूरे लातिन अमेरिका में सनसनी फैला दी है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला: डेल्सी रोड्रिग्ज को मिली सत्ता
राष्ट्रपति की गैरमौजूदगी में देश में अराजकता फैलने से रोकने के लिए वेनेजुएला की शीर्ष अदालत ने तत्काल हस्तक्षेप किया।
अदालत ने संवैधानिक उत्तराधिकार का पालन करते हुए उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को 'अंतरिम राष्ट्रपति' नियुक्त करने का आदेश जारी किया। कोर्ट का तर्क है कि देश में प्रशासनिक निरंतरता और शांति बनाए रखने के लिए यह कदम अनिवार्य था। अब हालात सामान्य होने तक देश की पूरी कमान डेल्सी के हाथों में रहेगी।
कौन हैं डेल्सी रोड्रिग्ज, जिन्हें मादुरो कहते थे 'शेरनी'
56 वर्षीय डेल्सी रोड्रिग्ज वेनेजुएला की सबसे शक्तिशाली महिला नेताओं में से एक हैं। वह 2018 से उपराष्ट्रपति के पद पर तैनात हैं और देश की अर्थव्यवस्था से लेकर खुफिया एजेंसियों तक पर उनका कड़ा नियंत्रण रहा है।
निकोलस मादुरो के प्रति उनकी वफादारी के कारण ही मादुरो उन्हें अक्सर 'शेरनी' या 'टाइगर' कहकर बुलाते थे। डेल्सी एक वकील और अनुभवी राजनयिक भी रही हैं, जिन्होंने पहले विदेश मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
ट्रंप की पसंद और मार्को रुबियो से सीक्रेट कॉल
हैरानी की बात यह है कि कट्टर वामपंथी विचारधारा वाली डेल्सी रोड्रिग्ज वर्तमान में अमेरिकी प्रशासन की भी पहली पसंद बनकर उभरी हैं। अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो और डेल्सी के बीच फोन पर लंबी बातचीत हुई है।
डोनाल्ड ट्रंप ने स्वयं इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि डेल्सी ने सहयोग के लिए हामी भर दी है। ट्रंप का मानना है कि वेनेजुएला को "फिर से महान बनाने" के लिए डेल्सी वह सब करने को तैयार हैं जो जरूरी है।
सत्ता संभालने के बाद डेल्सी का चौंकाने वाला बयान
अंतरिम राष्ट्रपति का पद स्वीकार करने के बावजूद डेल्सी रोड्रिग्ज ने अपने तेवर नरम नहीं किए हैं। उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी को "बर्बर अपहरण" करार दिया है। शपथ लेने के बाद अपने पहले बयान में उन्होंने कहा कि "भले ही मैं संवैधानिक जिम्मेदारी निभा रही हूँ, लेकिन निकोलस मादुरो ही वेनेजुएला के वास्तविक राष्ट्रपति रहेंगे।"
उनके इस रुख ने स्पष्ट कर दिया है कि भले ही वह सत्ता में हों, लेकिन उनकी वफादारी अभी भी न्यूयॉर्क की जेल में बंद मादुरो के साथ ही है।
