बांग्लादेश में हिंदुओं का नरसंहार: इंडियन सेलिब्रिटीज की चुप्पी! सुलगते सवालों के घेरे में यूनुस सरकार

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में हो रही इन घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया है।
नई दिल्ली : बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद शुरू हुआ हिंसा का दौर अब एक भयावह मानवीय संकट का रूप ले चुका है। वहां रह रहे हिंदू अल्पसंख्यक न केवल अपनी संपत्ति खो रहे हैं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए भी संघर्ष कर रहे हैं।
हालिया घटनाओं में क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गई हैं, जिससे भारत सहित पूरी दुनिया में आक्रोश है।
इस संकट ने न केवल कूटनीतिक गलियारों में हलचल पैदा की है, बल्कि मनोरंजन जगत के बड़े सितारों की नैतिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
हिंदुओं पर बर्बरता का नया दौर और जमीनी हकीकत
बांग्लादेश के विभिन्न जिलों से आ रही खबरें दिल दहला देने वाली हैं। कट्टरपंथी समूहों द्वारा हिंदू घरों को निशाना बनाना, मंदिरों में तोड़फोड़ और निर्दोष लोगों की लिंचिंग की घटनाएं आम हो गई हैं।
हाल ही में मयमनसिंह और अन्य सीमावर्ती इलाकों में जिस तरह से हिंदू युवाओं को निशाना बनाया गया, उसने 1971 के काले दौर की यादें ताजा कर दी हैं।
स्थानीय हिंदू समुदाय का आरोप है कि उन्हें डरा-धमकाकर पलायन करने पर मजबूर किया जा रहा है और उनकी सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा बल मूकदर्शक बने हुए हैं।
मोहम्मद यूनुस प्रशासन की विफलता और अंतरराष्ट्रीय दबाव
अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस पर अब अंतरराष्ट्रीय समुदाय का दबाव बढ़ता जा रहा है।
हालांकि उन्होंने शुरुआत में शांति की अपील की थी, लेकिन उनकी सरकार इन हमलों को "सांप्रदायिक" के बजाय "राजनैतिक" रंग देने की कोशिश कर रही है।
आलोचकों का कहना है कि यूनुस सरकार कट्टरपंथी तत्वों पर लगाम कसने में पूरी तरह विफल रही है।
संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों की चेतावनी के बावजूद, जमीनी स्तर पर अल्पसंख्यकों को सुरक्षा का भरोसा नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं।
बॉलीवुड की चुप्पी: शाहरुख खान के खिलाफ क्यों भड़का गुस्सा
भारत में एक बड़ा वर्ग बॉलीवुड के दिग्गज सितारों, विशेषकर शाहरुख खान की चुप्पी से बेहद नाराज है।
सोशल मीडिया पर यह सवाल तेजी से वायरल हो रहा है कि जो सितारे वैश्विक स्तर पर 'ब्लैक लाइव्स मैटर' जैसे मुद्दों पर स्टैंड लेते हैं, वे अपने पड़ोसी देश में हिंदुओं के कत्लेआम पर चुप क्यों हैं? इस खामोशी को जनता ने 'चुनावी संवेदनशीलता' और 'दोहरा मापदंड' करार दिया है।
न्यूज़ रिपोर्टों के अनुसार, इसी आक्रोश के चलते कई लोग शाहरुख खान को सोशल मीडिया पर 'गद्दार' और 'स्वार्थी' जैसे विशेषणों से संबोधित कर रहे हैं।
भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया और भविष्य की चुनौतियां
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में हो रही इन घटनाओं पर सख्त रुख अपनाया है। भारत ने स्पष्ट किया है कि हिंदुओं की सुरक्षा केवल बांग्लादेश का आंतरिक मामला नहीं, बल्कि एक गंभीर मानवीय चिंता है।
सीमा सुरक्षा बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि बड़े पैमाने पर शरणार्थियों के आने की संभावना बनी हुई है।
भारत सरकार लगातार यूनुस प्रशासन के संपर्क में है, लेकिन भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि क्या बांग्लादेश की नई सरकार कट्टरपंथियों के सामने घुटने टेकती है या कानून का राज स्थापित करती है।
