exclusive: क्या भारत बनने जा रहा है इलेक्ट्रॉनिक्स का ग्लोबल हब? यूनिक्स इंडिया के को-फाउंडर इमरान कागलावाला से खास बातचीत

Unix India co-founder Imran Kagalwala interview With Haribhoomi
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यूनिक्स इंडिया के को-फाउंडर इमरान कागलावाला से खास बातचीत।

हरिभूमि से खास बातचीत में यूनिक्स इंडिया के को-फाउंडर इमरान कागलावाला ने बताया कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का वैश्विक केंद्र बनने की ओर कैसे बढ़ रहा है, चार्जिंग सॉल्यूशंस की बढ़ती मांग, मेड-इन-इंडिया एक्सेसरीज की ताकत और यूनिक्स इंडिया की भविष्य की योजनाएं।

Unix India co-founder Imran Kagalwala exclusive interview: भारत तेजी से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मोबाइल, चार्जिंग सॉल्यूशंस, एक्सेसरीज़ और स्मार्ट डिवाइसेज़ में बढ़ती मांग के बीच ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को लेकर भरोसा भी बढ़ा है। ऐसे में हरिभूमि ने यूनिक्स इंडिया के को-फाउंडर इमरान कागलावाला से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स हब बनने की राह, चार्जिंग इंडस्ट्री में बदलाव, यूनिक्स की ग्रोथ स्ट्रैटेजी और अंतरराष्ट्रीय विस्तार को लेकर खुलकर अपनी राय रखी।

पढ़िए पूरा इंटरव्यू:

सवाल : क्या भारत पहले से ही इलेक्ट्रॉनिक्स का उत्‍पादन करने वाला वैश्विक केंद्र बन चुका है, या अभी भी लंबा सफर तय करना बाकी है?

जवाब : भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का सामान बनाने का दुनिया का बड़ा केंद्र बनने की राह पर अच्छी प्रगति कर चुका है, लेकिन अभी हम पूरी तरह वहाँ नहीं पहुँचे। पिछले कुछ सालों में, देश सिर्फ चीजों की असेंबली के काम से आगे बढ़कर पार्ट्स बनाने और उन्हें यहाँ ही तैयार करने का स्तर हासिल कर चुका है। यह किसी भी असली वैश्विक केंद्र की मुख्य खासियत है। मोबाइल फोन, एक्सेसरीज़, वियरेबल डिवाइसेज़ और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में तेज़ी आई है। इसे पीएलआई योजनाओं से, आसानी से कारोबार करने के कदमों से और घरेलू खरीदारी बढ़ने से काफी सपोर्ट मिला है।

पूरा सिस्टम सही दिशा में बढ़ रहा है, जिसमें सप्लायर्स की संख्या बढ़ना, चिप और कंपोनेंट्स पार्क्‍स में पैसा लगना, साथ ही क्‍वॉलिटी और बड़े पैमाने पर ध्यान देना शामिल है। लेकिन असली वैश्विक केंद्र बनने के लिए, भारत को मैन्‍युफैक्‍चरिंग के महत्‍व को बढ़ाना, कंपानेंट्स का सिस्टम और मजबूत बनाना, और निर्यात तथा सप्लाई चेन को जोड़ने में लगातार तेज़ी लानी होगी। अगर यह रास्ता जारी रहा, जिसमें नीतियों का पूरा साथ, स्किल बढ़ाना और सिस्टम को परिपक्‍व बनाना हो, तो भारत आने वाले सालों में इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान बनाने का वैश्विक केंद्र ज़रूर बन जाएगा।

सवाल : मोबाइल चार्जर्स पर सीमा शुल्क में कमी से उपभोक्ताओं को कैसे लाभ होगा?

जवाब : सीमा शुल्क कम होने से फैक्टरियों की खरीदारी की लागत सीधे घट जाती है, जिससे ब्रांड चार्जर्स ज्यादा सस्ते दामों पर बेच पाएंगे। ग्राहकों को इससे अच्छी क्‍वॉलिटी के, प्रमाणित चार्जर कम कीमत पर मिलेंगे। यह बिना ब्रांड वाले, घटिया प्रोडक्ट्स से दूर जाने और सुरक्षित, भरोसेमंद चार्जिंग चीजों की ओर बढ़ने में भी मदद करता है।

हालांकि, मुझे लगता है कि एंटी-डंपिंग शुल्क जैसे नियामक उपाय इस कदम को अधिक प्रभावी ढंग से मदद कर सकते हैं। ये उपाय निम्न-मानक आयातों को रोकने और गुणवत्ता, अनुपालन तथा दीर्घकालिक मूल्य सृजन में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए अधिक समान खेल का मैदान बनाने में मदद करते हैं।

सवाल : भारत में चार्जिंग समाधानों की मांग इतनी तेजी से क्यों बढ़ रही है?

जवाब : भारत में चार्जिंग समाधानों की मांग तेजी से बढ़ रही है क्योंकि देश तेजी से शहरीकरण और तेजी से डिजिटल जीवनशैली की ओर बढ़ रहा है। आज उपभोक्ता कई उपकरणों - स्मार्टफोन, टीडब्ल्यूएस, स्मार्टवॉच, टैबलेट पर निर्भर हैं और वे सभी के लिए तेज, विश्वसनीय चार्जिंग की अपेक्षा करते हैं। अधिक स्क्रीन टाइम, गतिशीलता और "कहीं से भी काम करने" की आदतों के साथ, चार्जिंग एक दैनिक आवश्यकता बन गई है न कि यह एक साधारण एक्सेसरी है। इसी समय, फास्ट चार्जिंग, सुरक्षा प्रमाणन और प्रोडक्‍ट की ड्यूरैबिलिटी के प्रति उपभोक्ता जागरूकता में काफी वृद्धि हुई है। इससे सभी श्रेणियों में उच्च-गुणवत्ता वाले, कुशल और विश्वसनीय चार्जिंग समाधानों की मांग बढ़ी है।

सवाल : आज के समय में मेड-इन-इंडिया एक्सेसरीज कितनी मजबूत हैं?

जवाब : मेड-इन-इंडिया एक्सेसरीज़ गुणवत्ता, विश्वसनीयता और डिजाइन के मामले में काफी मजबूत हो गई हैं। भारतीय ब्रांड आज वैश्विक मानकों को पूरा करते हैं जबकि स्थानीय उपयोग पैटर्न और मूल्य संवेदनशीलता के अनुरूप समाधान प्रदान करते हैं। हम अपनी खुद की मिडल ईस्‍ट में विस्तार के माध्यम से इसे मान्यता प्राप्त होते देख रहे हैं, जहां उपभोक्ता और भागीदार भारतीय-निर्मित उत्पादों पर बढ़ती विश्वास कर रहे हैं। यूनिक्स में, हम भारतीय डिजाइन क्षमताओं और मैन्‍युफैक्‍चरिंग की उत्कृष्टता की बढ़ती ताकत का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व करते हैं।

सवाल : यूनिक्स इंडिया की तेज वृद्धि के पीछे सबसे बड़ा कारण क्या रहा है?

जवाब : हमने सख्त प्लानिंग और प्रोडक्ट्स को सही तरीके से समझने पर पूरा ध्यान देकर ही तेज़ी से वृद्धि हासिल की है। हमने छोटी-मोटी बिक्री का पीछा न करके, हमेशा ग्राहकों की आदतें समझने, मजबूत और प्रमाणित चीजें बनाने, और अच्छी क्‍वॉलिटी से भरोसा बनाने में निवेश किया है। ऑफलाइन रिटेल और ई-कॉमर्स में संतुलन रखना, अच्छे डिलीवरी सिस्टम और भरोसेमंद सर्विस के साथ, हमें बाजारों में टिकाऊ रूप से विस्तार करने में सक्षम बनाया है।

सवाल : कंपनी की भविष्य की योजनाएं क्या हैं? वर्तमान में बाजार में कौन-से उत्पाद उपलब्ध हैं, और आने वाले लाइन-अप में क्या अपेक्षा की जा सकती है?

जवाब : यूनिक्स वर्तमान में चार्जिंग समाधानों, केबल्स, पावर बैंक, टीडब्ल्यूएस, वियरेबल्स और मोबाइल एक्सेसरीज़ सहित व्यापक पोर्टफोलियो प्रदान करता है। आगे देखते हुए, हम स्मार्ट लिविंग और कनेक्टेड टेक्नोलॉजी में गहराई से विस्तार करने का लक्ष्य रखते हैं। हमारी आगामी रोडमैप में हेल्थ-टेक वियरेबल्स, स्मार्ट होम डिवाइसेस और कनेक्टेड लिविंग के अगले चरण को दर्शाने वाले एआई-इंटीग्रेटेड समाधान शामिल हैं। इसके साथ ही, हम स्थानीय मैन्‍युफैक्‍चरिंग को मजबूत करना जारी रखेंगे ताकि मास-मार्केट और प्रीमियम सेगमेंट दोनों को अधिक कुशलता से सेवा प्रदान की जा सके।

सवाल : क्या यूनिक्स इंडिया के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी स्वीकृति मिल रही है?

जवाब : हां, हमें विदेशी बाजारों से अच्छी और तेज़ी से बढ़ती दिलचस्‍पी देखने को मिल रही है, खासकर उन इलाकों से जहां लोग भरोसेमंद और किफायती चीजें ढूंढ रहे हैं। हमने मिडिल ईस्ट में पहले ही कदम रख दिया है- हमने दुबई से शुरुआत की है। कतर और बाकी GCC देशों में जाने से पहले, हम यूएई के सातों अमीरातों में अपनी दुकान को और मजबूत करने की योजना बना रहे हैं। सर्टिफिकेशन, बड़े स्तर पर बनाना और सस्ते दामों पर फोकस ने इस पसंद को बढ़ाने में बड़ी मदद की है। भारत हमारा मुख्य बाजार बना हुआ है, लेकिन अब विदेशों में विस्‍तार हमारी बड़ी रणनीति का अहम हिस्सा है।

सवाल: वर्तमान में कौन-सा चैनल लीड कर रहा है- ई-कॉमर्स या ऑफलाइन रिटेल?

जवाब : दोनों चैनल महत्वपूर्ण हैं, लेकिन हमारी श्रेणी में ऑफलाइन रिटेल अभी भी सबसे आगे है। एक्सेसरीज के एक महत्वपूर्ण हिस्से के उपभोक्ता फिजिकल टचपॉइंट्स को पसंद करते हैं, विशेष रूप से चार्जिंग और ऑडियो उत्पादों के लिए। ई-कॉमर्स, हालांकि, तेजी से बढ़ रहा है और पहुंच, नए उत्पाद लॉन्च और युवा खरीदारों के बीच दृश्यता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हमारी रणनीति दोनों चैनलों को मजबूत करने की है ताकि वे परस्पर सुदृढ़ करने वाले तरीके से बढ़ें।

सवाल : आने वाले वर्षों में उद्योग में सबसे बड़ा बदलाव आपको क्या दिखाई देता है?

जवाब : सबसे बड़ा बदलाव बुनियादी एक्सेसरीज से इंटीग्रेटेड, टेक्नोलॉजी-चालित इकोसिस्‍टम का रुख करेगा। लोग फास्ट चार्जिंग, मजबूत सुरक्षा मानकों, सभी जगह कॉम्‍पैटिबिलिटी, स्मार्ट डिजाइन और कुल मिलाकर बेहतर प्रोडक्ट अनुभव चाहेंगे। जो ब्रांड नई तकनीक को भरोसे और अच्छे दाम के साथ जोड़ेंगे, वे इस फील्ड का अगला दौर तय करेंगे।

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