यूपी में मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी: 2.89 करोड़ वोटर्स के नाम कटे, अब प्रदेश में कुल 12.55 करोड़ मतदाता

2.89 करोड़ वोटर्स के नाम कटे, अब प्रदेश में कुल 12.55 करोड़ मतदाता
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संशोधित कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची का ड्राफ्ट जारी कर दिया है, जिसमें 2.89 करोड़ अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश निर्वाचन आयोग ने मंगलवार, 6 जनवरी को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची का ड्राफ्ट प्रकाशित कर दिया है। इस बार की सूची में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है, जहां प्रदेश के कुल वोटर्स में से करीब 18.70% यानी 2.89 करोड़ लोगों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।









मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि अब उत्तर प्रदेश में वैध मतदाताओं की कुल संख्या 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 रह गई है। मतदाता अपनी आपत्तियां और दावे 6 फरवरी 2026 तक दर्ज करा सकते हैं, जिसका अंतिम निस्तारण करने के बाद 6 मार्च को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।

क्यों काटे गए 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम?

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, मतदाता सूची को शुद्ध करने के लिए चलाए गए इस अभियान में बड़ी संख्या में अपात्र नाम सामने आए।

कुल हटाए गए नामों में सबसे बड़ी संख्या उन मतदाताओं की है जो या तो अपना स्थान छोड़ चुके हैं या लापता हैं; ऐसे 2.17 करोड़ (14.06%) मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। इसके अलावा, 46.23 लाख (2.99%) मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है और लगभग 25.47 लाख (1.65%) मतदाता ऐसे पाए गए जिनके नाम एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे।

इस बार 91 प्रतिशत से ज्यादा मतदाताओं की मैपिंग का कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

12.55 करोड़ वैध मतदाताओं के साथ नई सूची तैयार

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी दी कि पहले प्रदेश में कुल 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता पंजीकृत थे। गहन पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं या उनके परिजनों से गणना प्रपत्र गए। आयोग को कुल 12 करोड़ 95 लाख फॉर्म प्राप्त हुए, जिनका पूरी तरह से डिजिटलीकरण किया जा चुका है।

वर्तमान में जो ड्राफ्ट जारी हुआ है, उसके अनुसार यूपी में 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 मतदाता पूरी तरह वैध पाए गए हैं।

इनमें 15,78,483 नए मतदाताओं का पंजीकरण भी शामिल है, जिन्होंने पहली बार अपना नाम सूची में जुड़वाया है।

6 फरवरी तक सुधार का मौका, हेल्पलाइन नंबर जारी

आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी नागरिक का नाम ड्राफ्ट सूची में छूट गया है या उसमें कोई त्रुटि है, तो वे 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

इस एक महीने की अवधि में नाम जुड़वाने, संशोधन करने या डुप्लिकेट नाम हटवाने के लिए आवेदन किया जा सकता है।

मतदाताओं की सहायता के लिए आयोग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। प्राप्त सभी दावों और आपत्तियों का निस्तारण 27 फरवरी तक पूरा कर लिया जाएगा।

6 मार्च को होगा अंतिम प्रकाशन

संशोधित कार्यक्रम के तहत उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची 6 मार्च 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

आयोग ने सभी प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ड्राफ्ट सूची में अपना और अपने परिवार का नाम अवश्य जांच लें।

यह विशेष अभियान चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए चलाया गया है, ताकि आने वाले चुनावों में केवल वास्तविक और पात्र मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।


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