शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की जान को खतरा: शिष्यों का आरोप- संत के वेश में घूम रहे प्रशासन के गुंडे! लगाए 12 CCTV कैमरे

शिविर के मुख्य द्वारों, गलियारों और शंकराचार्य के कक्ष के आसपास कुल 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
प्रयागराज: प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के बीच एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों ने दावा किया है कि शंकराचार्य की जान को गंभीर खतरा है।
उनके शिविर की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए यह आरोप लगाया गया है कि प्रशासन के लोग और कुछ संदिग्ध व्यक्ति संतों का वेश धरकर शिविर के आसपास मंडरा रहे हैं।
इस सुरक्षा चूक की आशंका को देखते हुए शंकराचार्य के शिविर में आनन-फानन में 12 नए सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं और निजी सुरक्षाकर्मियों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
शिविर में संदिग्धों की आवाजाही से हड़कंप
शंकराचार्य के प्रमुख शिष्यों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से शिविर के आसपास कुछ ऐसे लोग देखे जा रहे हैं जिनकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। आरोप है कि ये लोग भगवा वस्त्र पहनकर संतों के रूप में आते हैं, लेकिन उनके हाव-भाव और काम करने का तरीका संतों जैसा नहीं है।
शिष्यों ने इन्हें 'प्रशासन के गुंडे' करार देते हुए कहा है कि ये लोग शंकराचार्य की जासूसी कर रहे हैं या किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हैं।
12 सीसीटीवी कैमरों से अभेद्य सुरक्षा का घेरा
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए शंकराचार्य के शिविर में आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया है। शिविर के मुख्य द्वारों, गलियारों और शंकराचार्य के कक्ष के आसपास कुल 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
इसकी मॉनिटरिंग के लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां चौबीसों घंटे पहरा दिया जा रहा है। शिष्यों का कहना है कि अब वे प्रशासन के भरोसे बैठने के बजाय खुद की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।
प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
शंकराचार्य के खेमे ने स्थानीय पुलिस और मेला प्रशासन पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि बार-बार जानकारी देने के बावजूद शंकराचार्य की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरती जा रही है।
शिष्यों का मानना है कि जानबूझकर ऐसी स्थिति पैदा की जा रही है जिससे पूज्यपाद शंकराचार्य को असुरक्षित महसूस हो। इस मामले में पुलिस के आला अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
विचारधारा की लड़ाई या सुरक्षा में चूक?
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अक्सर अपने बेबाक बयानों और धार्मिक-राजनीतिक मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय के लिए जाने जाते हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि उनकी इसी मुखरता के कारण कुछ लोग उनसे द्वेष रखते हैं और उन्हें नुकसान पहुंचाना चाहते हैं।
शिविर के अंदर बढ़ाई गई यह सुरक्षा न केवल शारीरिक हमले के डर से है, बल्कि किसी भी प्रकार की साजिश या अनहोनी को टालने का एक प्रयास भी है।
भक्तों और अनुयायियों में भारी चिंता
इस खबर के फैलते ही शंकराचार्य के भक्तों और अनुयायियों में चिंता की लहर दौड़ गई है। शिविर में भारी संख्या में लोग जुटने लगे हैं और सभी की एक ही मांग है कि जगतगुरु शंकराचार्य को उच्च श्रेणी की सरकारी सुरक्षा प्रदान की जाए।
अनुयायियों ने चेतावनी दी है कि यदि पूज्य महाराज जी को खरोंच भी आई, तो इसके लिए सीधे तौर पर स्थानीय प्रशासन जिम्मेदार होगा।
